Bengal Election 2026: चुनाव से पहले बड़ी कार्रवाई; बंगाल में ₹181 करोड़ का कैश, शराब और ड्रग्स जब्त

पश्चिम बंगाल में 294 विधानसभा सीटों पर चुनावों के लिए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) को कड़ाई से लागू किया जा रहा है. चुनाव आयोग ने बिना इजाजत वाले राजनीतिक विज्ञापनों को हटाया और 181 करोड़ रुपए से अधिक कैश, शराब और ड्रग्स जब्त किए हैं.

पश्चिम बंगाल के सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) को सख्ती से लागू किया जा रहा है और अधिकारियों ने 181 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश, शराब, ड्रग्स और मुफ्त चीजें जब्त की हैं. पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यों वाली विधानसभा के चुनाव दो चरणों 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को होंगे और वोटों की गिनती 4 मई को होगी. चुनाव के ऐलान के साथ ही राज्य चुनाव चुनाव आचार संहिता लागू हो गयी है.

चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिना इजाजत वाले राजनीतिक विज्ञापनों को हटाने के लिए भी बड़े पैमाने पर अभियान चलाए गए हैं.

मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) के कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि सभी जिलों में बड़े पैमाने पर पब्लिक और प्राइवेट प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने वाले सामान को हटा दिया गया है.

चुनाव से पहले इलेक्शन कमीशन की कार्रवाई

चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पब्लिक प्रॉपर्टी के कुल 3,11,829 और प्राइवेट प्रॉपर्टी के 19,901 नुकसान पहुंचाने वाले सामान को हटाया गया है, और जिलों में 3,58,986 मामले दर्ज किए गए हैं.

एक सीनियर पोल पैनल अधिकारी ने कहा, पूरे राज्य में कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि यह पक्का हो सके कि आचार संहिता का सही तरीके से पालन हो.

अधिकारियों ने कहा कि शिकायतों पर कार्रवाई करने और कैश और दूसरे सामान के गैर-कानूनी ट्रांसपोर्टेशन को रोकने के लिए 1,800 से ज्यादा फ्लाइंग स्क्वाड टीम (FSTs) और 2,200 से ज्यादा स्टैटिक सर्विलांस टीम (SSTs) तैनात की गई हैं.

50 से अधिक टॉप अधिकारियों का तबादला

उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था के मामले में, कोलकाता पुलिस ने सेंट्रल फोर्स के साथ मिलकर बारानगर और कालीघाट में तनाव बढ़ने से रोकने और शांति बनाए रखने के लिए घटनाओं में दखल दिया.

बयान में कहा गया है कि पुलिस ने क्रिमिनल इंटिमिडेशन और वोटर को डराने-धमकाने से जुड़े मामलों में भी गिरफ्तारियां की हैं, जबकि कड़ी निगरानी के तहत बिना लाइसेंस वाले हथियार और विस्फोटक जब्त किए गए हैं.

राज्य में चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद चुनाव आयोग ने निष्पक्ष मतदान को सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने 50 से अधिक टॉप अधिकारियों का तबादला कर दिया है. हालांकि चुनाव आयोग के इस कदम की राज्य की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी ने कड़ी आलोचना की है और इसे राज्य में अघोषित राष्ट्रपति शासन करार दिया है.

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