Bhiwani Gas Crisis: भिवानी में कॉमर्शियल गैस की सप्लाई बंद; 550 होटल-रेस्टोरेंट पर ताला लगने की नौबत, डीजल भट्ठियों का सहारा ले रहे संचालक

भिवानी में कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति पूरी तरह रुकने से 550 से अधिक होटल और रेस्टोरेंट संकट में हैं। इजराइल-ईरान युद्ध के असर के बीच घरेलू गैस की बुकिंग पर भी 25 दिन की शर्त लागू कर दी गई है। जानें शहर में ईंधन किल्लत और प्रशासन की कार्रवाई की पूरी स्थिति।

भिवानी। कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की आपूर्ति बंद होने के बाद जिले भर में होटल और रेस्टोरेंट में ईंधन का संकट बढ़ गया है। अकेले भिवानी शहर में करीब 550 होटल और रेस्टोरेंट में कॉमर्शियल कुकिंग गैस की आपूर्ति रुकने से हालात बिगड़ने लगे हैं। हालांकि कुछ बड़े होटलों में डीजल से संचालित भट्ठियां भी लगाई गई हैं।

कालाबाजारी की आशंका के चलते संबंधित अधिकारियों ने गैस एजेंसियों पर स्टॉक की निगरानी भी बढ़ा दी है। कॉमर्शियल गैस का स्टॉक एजेंसियों पर कितना बचा है या खत्म हो चुका है, इसका निरीक्षण भी किया जा रहा है। वहीं इस्राइल और ईरान युद्ध के चलते कच्चे तेल और गैस का संकट लगातार बढ़ रहा है जिसकी मार अब छोटे शहरों तक आम लोगों पर भी दिखाई देने लगी है।

भिवानी शहर में करीब 550 होटल, रेस्टोरेंट और ढाबे हैं, जिनमें रोजाना करीब 500 कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की खपत होती है। लेकिन पिछले तीन दिनों से कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की आपूर्ति बंद है। इसके साथ ही घरेलू कुकिंग गैस का संकट भी बढ़ने लगा है। गैस एजेंसियों द्वारा 25 दिन बाद बुकिंग की शर्त ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। वहीं होटल और रेस्टोरेंट में घरेलू गैस के दुरुपयोग और कालाबाजारी की आशंका भी बढ़ गई है। कई छोटे ढाबों पर खुलेआम घरेलू गैस सिलिंडरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी गैस एजेंसियों के स्टॉक की निगरानी की बात कह रहे हैं लेकिन इसका धरातल पर कितना असर है, यह भी अब स्पष्ट दिखाई देने लगा है।

गैस एजेंसियों पर डाउन हुआ सर्वर, उपभोक्ताओं की जुट रही भीड़
शहर की गैस एजेंसियों पर सर्वर भी डाउन होने लगा है जिससे एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की भीड़ जुटने लगी है। हालांकि गैस एजेंसी संचालक नई शर्तों के अनुसार गैस सिलिंडर की बुकिंग और डिलीवरी दे रहे हैं। सामान्य दिनों में शहर में करीब 2,500 गैस सिलिंडरों की आपूर्ति होती है मगर अब मुश्किल से एक हजार गैस सिलिंडर भी उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

ढाबों पर पुरानी भट्ठी फिर से तैयार, डीजल भट्ठी का प्रयोग भी बढ़ा
शहर के कई ढाबों पर पुरानी कोयला भट्ठियों को फिर से इस्तेमाल के लिए तैयार किया जा रहा है। वहीं होटल और रेस्टोरेंट में डीजल फ्यूल से चलने वाली भट्ठियों का प्रयोग भी शुरू हो गया है। हालांकि कॉमर्शियल गैस का उपयोग भी किया जा रहा है लेकिन इसकी आपूर्ति इन तक कैसे हो रही है यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। कई जगह घरेलू गैस सिलिंडरों का भी धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है जिसकी जांच के लिए अधिकारी अभी कार्यालय से बाहर नहीं निकले हैं।

एक साल में प्रत्येक परिवार को 12 गैस सिलिंडरों की आपूर्ति अनिवार्य है लेकिन अब जिन परिवारों ने दो माह से गैस सिलिंडर नहीं लिया था उन्हें भी लाइन में लगना पड़ रहा है। ऑनलाइन बुकिंग काम नहीं कर रही है और न ही फोन पर बुकिंग का नंबर मिल रहा है। ऐसे में गैस एजेंसी जाकर बुकिंग करानी पड़ रही है। गैस के लिए भी सप्ताह से दस दिन बाद डिलीवरी का नाम लिया जा रहा है।

गैस सिलिंडर के बिना रसोई का काम संभव नहीं है क्योंकि अब किसी भी घर में लकड़ी व उपलों से जलने वाला चूल्हा प्रयोग नहीं हो रहा है। ऐसे में अगर गैस सिलिंडर समय पर न मिले तो मुश्किल खड़ी हो जाती है। हर माह एक सिलिंडर की एडवांस बुकिंग कराते रहे हैं लेकिन अब एडवांस बुकिंग नहीं हो रही है। गैस को लेकर चिंता बढ़ गई है।

गैस एजेंसियों पर आपूर्ति नियमित रूप से दी जा रही है। सिर्फ एडवांस गैस बुकिंग के लिए 25 दिन का अंतराल अनिवार्य किया गया है। कॉमर्शियल गैस की आपूर्ति पूरी तरह से रोक दी गई है। गैस एजेंसियों पर इसका भंडारण है या नहीं है यह मायने नहीं रखता। केवल घरेलू कुकिंग गैस की आपूर्ति किसी सूरत में प्रभावित न हो इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।

सभी गैस एजेंसियों पर घरेलू कुकिंग सिलिंडरों के स्टॉक पर निगरानी बढ़ा दी गई है। सरकार की हिदायतों के अनुसार निरीक्षण भी किया जा रहा है। अगर गैस की कालाबाजारी संबंधी किसी के पास कोई जानकारी है तो वे विभाग को 01664-242125 पर सूचना दे सकते हैं जिस पर विभागीय अधिकारियों द्वारा तत्परता से कार्रवाई की जाएगी।

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