Bhiwani Hospital Shocking News: भिवानी में स्वास्थ्य सिस्टम शर्मसार; 3 बोतलों से हो रही 100 मरीजों की पेशाब जांच, मरीज खुद धो रहे सैंपल कंटेनर

भिवानी के नागरिक अस्पताल में भारी बदहाली! बजट की कमी के चलते यूरिन सैंपल के लिए केवल 3 कंटेनर बचे हैं, जिन्हें मरीज खुद धोकर दोबारा इस्तेमाल कर रहे हैं। थायराइड और हेपेटाइटिस जैसी कई जांच किट भी खत्म हो चुकी हैं। जानें स्वास्थ्य विभाग की इस बड़ी लापरवाही का पूरा सच।

भिवानी। शहर के नागरिक अस्पताल में खून जांच केंद्र के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में बने खून क्लेक्शन केंद्र पर पेशाब जांच के सैंपल लेने के लिए केवल तीन प्लास्टिक डिस्पोजेबल कल्चर बोतल ही बची हैं। ऐसे में सैंपल लेने के बाद इन बोतलों को मरीजों से ही साफ करवा कर दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा है।

केंद्र पर प्रतिदिन लगभग 100 से 120 मरीज पेशाब जांच के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में एक ही कंटेनर का बार-बार प्रयोग होने से संक्रमण फैलने और रिपोर्ट में गड़बड़ी होने का खतरा भी बना हुआ है। इस संबंध में केंद्र पर कार्यरत स्टाफ और कमरा नंबर 23 में बैठे पैथोलॉजी चिकित्सक से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पीछे से सामान नहीं आ रहा है और जो सामान उपलब्ध है उसी से काम चलाया जा रहा है। नया सामान कब तक आएगा और कितना आएगा इसकी जानकारी उच्च अधिकारी ही दे सकते हैं। स्टाफ के अनुसार आवश्यक सामग्री की मांग लगातार भेजी जा रही है।

ये है खून जांच केंद्र की स्थिति
संवाददाता ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग और नागरिक अस्पताल में खून जांच केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि पहले थायराइड जांच किट खत्म होने से मरीजों की जांच प्रभावित हो रही थी वहीं अब हेपेटाइटिस सी वायरस (एचसीवी) और हेपेटाइटिस बी सरफेस एंटीजन (एचबीएसएजी) जैसी कई प्रकार की जांच किट भी खत्म हो चुकी हैं। इसके अलावा पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में बनाए गए खून क्लेक्शन केंद्र के हालात भी बदहाल हैं।

केंद्र के पास पेशाब सैंपल लेने के लिए केवल तीन प्लास्टिक डिस्पोजेबल कल्चर बोतल ही बची हैं। इन तीनों कंटेनरों को सैंपल लेने के बाद मरीजों से ही साफ करवा कर अगले मरीज के लिए रखा जा रहा है। इससे मरीजों की सैंपल रिपोर्ट खराब होने की भी संभावना बनी रहती है। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी व आईपीडी विभाग भवन में नागरिक अस्पताल की ओपीडी संचालित की जा रही है। आईपीडी विभाग के मुख्य द्वार से प्रवेश करते ही खून जांच के लिए सैंपल क्लेक्शन केंद्र और रिपोर्ट वितरण की सुविधा उपलब्ध है। लेकिन अस्पताल के क्लेक्शन केंद्र से लेकर खून जांच केंद्र तक की व्यवस्था बिगड़ी हुई है। विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खून जांच केंद्र की बिगड़ती व्यवस्था के पीछे बजट की कमी मुख्य कारण है।

पेशाब जांच के लिए ऐसे चल रही है सैंपल क्लेक्शन प्रक्रिया
मरीज को सबसे पहले एक खाली कंटेनर सैंपल लाने के लिए दे दिया जाता है। मरीज सैंपल लेकर वापस केंद्र पर पहुंचता है। केंद्र पर कार्यरत स्टाफ उसमें से थोड़ा सा सैंपल निकाल लेता है और मरीज को ही कंटेनर साफ करके लाने के लिए कहा जाता है। इसके बाद मरीज खुद कंटेनर को पानी से साफ करके लाता है और वापस जमा करवा देता है। कुछ ही समय बाद दूसरा मरीज पेशाब जांच के लिए आता है तो उसे भी वही कंटेनर दे दिया जाता है। इसी तरह तीन कंटेनरों के सहारे ही पूरे दिन सैंपल क्लेक्शन प्रक्रिया चलती रहती है। ऐसे में संक्रमण फैलने और रिपोर्ट खराब होने की पूरी संभावना बनी रहती है।

ये है मुख्य कमी
-थायराइड जांच किट खत्म
-हेपेटाइटिस सी वायरस (एचसीवी) जांच सामान
-हेपेटाइटिस बी सरफेस एंटीजन (एचबीएसएजी) जांच सामान
-यूरिन जांच सैंपल बोतल
-रिपोर्ट तैयार करने के लिए पर्चा
-लैब तकनीशियन की कमी
-प्रशिक्षु के सहारे चल रहा है जांच केंद्र

पेशाब की जांच के लिए यहां आया हूं। सैंपल लेने के बाद कहा गया कि इस बोतल को वापस खाली करके जमा करवा दो। पता चला है कि इनके पास कंटेनर नहीं है इसलिए ऐसा किया जा रहा है। किसी दूसरे मरीज द्वारा प्रयोग की गई बोतल हमें दी गई है जो गलत है। प्रशासन को इस बारे में सोचना चाहिए।

पेशाब जांच के लिए अपनी पत्नी को लेकर यहां आया हूं। मैंने देखा कि एक ही कंटेनर को धोकर सभी मरीजों को दिया जा रहा है। मेरी पत्नी ने भी सैंपल देने के बाद खुद बोतल को धोकर जमा करवा दिया। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा भी बन रहा है। पहले वाले मरीज को पता नहीं किस प्रकार की बीमारी हो और उसी बोतल को दोबारा दे दिया जाता है। प्रशासन की यह बहुत बड़ी लापरवाही है।

कर्मचारी बोले- खून जांच की पूरी सामग्री नहीं मिल रही
संवाददाता को कर्मचारियों ने बताया कि समय पर खून जांच की पूरी सामग्री नहीं मिल रही है जिसके कारण कई प्रकार की जांच नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों की संख्या के मुकाबले जांच का सामान कम पहुंच रहा है और उच्च अधिकारियों को कई बार लिखकर समय पर सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की जा चुकी है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि मरीजों को समय पर रिपोर्ट देना हमारा पहला प्रयास है लेकिन जांच के लिए संसाधन ही उपलब्ध नहीं हैं तो कार्य पूरा करना कठिन हो जाता है। संबंधित डिप्टी को भी कई बार इस समस्या के बारे में अवगत कराया जा चुका है।

खून जांच केंद्र पर जो भी कमी है और जो सामान खत्म हो चुका है, उसे पूरा करने के लिए मांग भेज दी गई है। फिलहाल यदि स्टाफ एक ही कंटेनर का इस्तेमाल करवा रहा है तो यह गलत है। तुरंत प्रभाव से संबंधित जांच केंद्र प्रभारी को बोलकर इसे बंद करवाया जाएगा।

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