CBLU भिवानी में बड़ा फर्जीवाड़ा: पुनर्मूल्यांकन में बढ़ाए गए छात्रों के अंक, 4 कर्मचारियों पर FIR दर्ज

भिवानी के CBLU विश्वविद्यालय की परीक्षा शाखा में नंबर बढ़ाने का खेल उजागर। कुलगुरु की जांच कमेटी ने 4 कर्मचारियों को दोषी पाया, रिकॉर्ड से गायब मिले आवेदन पत्र। पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जानें किन छात्रों को पहुँचाया गया लाभ।

भिवानी। चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय (सीबीएलयू) की परीक्षा शाखा में पुनर्मूल्यांकन के नाम पर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। कुलगुरु की ओर से गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट में चार कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर इनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामला करीब एक माह पहले का है।

सीबीएलयू के रजिस्ट्रार जितेंद्र भारद्वाज ने बताया कि पुनर्मूल्यांकन में फर्जीवाड़े का मामला कुलगुरु प्रोफेसर दीप्ति धर्माणी के संज्ञान में आने पर उन्होंने जांच के लिए कमेटी का गठन किया। जांच में सामने आया कि परीक्षा शाखा की ओर से अधिसूचित पुनर्मूल्यांकन परिणाम के अनुसार बी.फार्मेसी चतुर्थ सेमेस्टर की एक छात्रा ने औषधीय रसायन विज्ञान में 18 अंक प्राप्त किए थे, जबकि अद्यतन परिणाम में उसी पेपर में 38 अंक दर्शाए गए। इसी तरह बीएससी भौतिक विज्ञान द्वितीय सेमेस्टर के बीज गणित और संख्या सिद्धांत में एक छात्रा ने 14 अंक प्राप्त किए, लेकिन अद्यतन परिणाम में 21 अंक दर्शाए गए। रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया साजिश के तहत अंक बढ़ाए जाने के प्रमाण मिले। इसमें हरियाणा कौशल रोजगार निगम के तहत नियुक्त प्रयोगशाला परिचारक विपिन यादव, डाटा एंट्री ऑपरेटर तनु (संविदा कर्मचारी), अनुज (परीक्षा पूर्व और पश्चात कार्य के लिए एजेंसी कर्मचारी) और रवि की भूमिका पाई गई।
इतना ही नहीं कमेटी ने परीक्षा शाखा से पुनर्मूल्यांकन के लिए दिए गए आवेदन मांगे तो वे रिकाॅर्ड से गायब मिले। जांच समिति ने इनके खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के तहत कार्रवाई की अनुशंसा की। इसके बाद आरोपी कर्मचारियों को रिलीव कर दिया गया। 27 जनवरी को रजिस्ट्रार की रिपोर्ट पर सदर थाना पुलिस ने चारों कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। सदर थाना प्रभारी एवं जांच अधिकारी उग्रसैन ने बताया कि चारों कर्मचारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। सभी को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस दिया है। जिन छात्राओं को लाभ पहुंचाया गया उन्हें भी तलब किया है। विस्तृत पूछताछ में ही सामने आएगा कि अंक किस लालच में बढ़ाए गए।

परीक्षा शाखा में पुनर्मूल्यांकन के संबंध में फर्जीवाड़े की जांच के लिए कुलगुरु की तरफ से कमेटी का गठन किया गया था। जांच में दोषी पाए गए कर्मचारियों पर कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई। इस प्रकरण में और कौन-कौन शामिल है। इसकी विस्तृत जांच पुलिस करेगी।

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