Chaitra Month 2026: आज से शुरू हुआ हिंदू कैलेंडर का पहला महीना चैत्र; जानें नव संवत्सर 2083, नवरात्रि और राम नवमी की महत्वपूर्ण तिथियां
हिंदू पंचांग का पहला महीना चैत्र आज से प्रारंभ हो गया है। 19 मार्च से हिंदू नववर्ष 2083 और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत होगी। जानें क्यों खास है यह महीना, ब्रह्मा जी द्वारा सृष्टि की रचना और भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं।
आज से चैत्र का महीना शुरु हो गया है. ये हिंदू पंचाग का पहला महीना माना जाता है. इस माह में ही हिंदूओं का नववर्ष शुरू होता है. इसी माह में नया संवत्सर 2083 शुरू होगा. ये माह 02 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा. वैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि बीते कल 03 मार्च की शाम 05 बजकर 07 मिनट पर शुरू हुई. इस तिथि का समापन आज शाम को 04 बजकर 48 मिनट पर होगा.
ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, आज से चैत्र माह शुरु हुआ है. इस माह की शुरुआत होली के त्योहार के साथ हुई है. अभी इस माह में नवरात्रि, राम नवमी और हनुमान जयंती जैसे पर्व मनाए जाएंगे. जोकि इस माह को विशेष बनाते हैं. 19 मार्च को हिंदू नववर्ष शुरू होगा. इसी दिन से हिंदू नव संवत्सर 2083 की शुरुआत होगी. 19 मार्च को ही चैत्र नवरात्रि शुरू होगी.इस दिन कई स्थानों पर गुड़ी पड़वा, उगादि जैसे नव वर्ष के पर्व मनाए जाते हैं.
चैत्र माह का महत्व
चैत्र का महीना ऋतु परिवर्तन का समय माना जाता है. इस माह में ठंड की विदाई होती है और गर्मी दस्तक देती है. शरीर और मन दोनों को संतुलित करने की आवश्यकता होती है. यही कारण है कि इस माह में व्रत, ध्यान और सात्विक जीवन पर जोर दिया जाता है. इन्हीं सब वजहों से धार्मिक दृष्टि से इस माह का अति विशेष महत्व माना जाता है.
सृष्टि की रचना और मत्स्य अवतार
पौराणिक कथाओं और मान्यताओं के अनुसार, यही वही महीना है जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी. चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से ब्रह्मा जी ने संसार को रचना प्रारंभ किया था. इसी कारण इस माह को सृजन और नव आरंभ का प्रतीक माना गया है. भगवान विष्णु ने इसी माह मत्स्य अवतार लिया था. इसलिए इस माह से संरक्षण और धर्म रक्षा का भी संकेत प्राप्त होता है. यही नहीं चैत्र नवरात्रि में शक्ति की उपासना बहुत पुण्यदायी मानी गई है.