CM Mann News: सीएम मान पर महिलाओं के अपमान का आरोप; कांग्रेस पहुंची महिला आयोग, दर्ज कराई शिकायत

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सीएम मान ने इंटरनेशनल विमेंस डे के मौके पर एक सरकारी फंक्शन के दौरान महिलाओं के बारे में अपमानजनक और घटिया भाषा का इस्तेमाल किया. पंजाब कांग्रेस ने राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन को शिकायत भेजी है.

कांग्रेस ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर महिलाओं के बारे में अपमानजनक और घटिया भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है. पंजाब कांग्रेस ने राष्ट्रीय महिला आयोग की चेयरपर्सन को शिकायत भेजी है. कांग्रेस का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने 8 मार्च को मनाए गए ‘इंटरनेशनल विमेंस डे’ के मौके पर सुनाम में हुए एक सरकारी फंक्शन के दौरान महिलाओं के बारे में अपमानजनक और घटिया भाषा का इस्तेमाल किया.

पार्टी ने अपने लेटर में मांग की है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी और संवैधानिक कार्रवाई की जाए. कांग्रेस की तरफ से भेजे गए लेटर में कहा गया है कि 8 मार्च को संगरूर जिले के सुनाम में इंटरनेशनल विमेंस डे के मौके पर सरकार की तरफ से एक फंक्शन ऑर्गनाइज किया गया था. इस फंक्शन में मुख्यमंत्री भगवंत मान चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल हुए थे.

लेटर में क्या-क्या आरोप?

लेटर में आरोप है कि मुख्यमंत्री मान ने अपने भाषण के दौरान अपने कॉलेज के दिनों से जुड़ी एक घटना बताते हुए महिलाओं की इज्ज़त को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का इस्तेमाल किया. कांग्रेस ने अपनी शिकायत में ये भी लिखा है कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि जब लड़की पीला सूट पहनती थी, तो वह उसे ‘भिरंड’ कहते थे. पार्टी का दावा है कि ये भी एक ऐसा कमेंट है जो एक महिला को सिर्फ उसके रूप-रंग तक सीमित करता है.

इसके अलावा, लेटर में यह भी कहा गया है कि जब लड़की ने हरा सूट पहना था, तो उससे कहा गया कि वह ‘पाकिस्तान के कपड़े पहनकर आई है’. कांग्रेस ने इसे न सिर्फ महिलाओं के लिए अपमानजनक बल्कि सामाजिक रूप से भड़काने वाला कमेंट भी बताया है. कांग्रेस ने अपने लेटर में कहा है कि भारत के संविधान के आर्टिकल 14, 15 और 21 हर नागरिक को बराबरी, भेदभाव से आज़ादी और सम्मान के साथ जीने का अधिकार देते हैं.

आयोग करे मामले की जांच

पार्टी ने शिकायत में लिखा है कि एक राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते भगवंत मान की जिम्मेदारी है कि वे महिलाओं की गरिमा बनाए रखें, ना कि ऐसी टिप्पणी करके उसे कम करें. पंजाब कांग्रेस ने अपनी शिकायत में कहा है कि मुख्यमंत्री की टिप्पणी मुख्य रूप से IPC की कुछ धाराओं के तहत आ सकती है.

लेटर के मुताबिक, इस मामले में सेक्शन 79 (किसी महिला की इज्जत को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्द या इशारे), सेक्शन 75 (यौन उत्पीड़न या यौन टिप्पणी) और सेक्शन 356 के तहत मानहानि से जुड़े नियम लागू हो सकते हैं. पंजाब कांग्रेस ने मांग की है कि नेशनल कमीशन फॉर विमेन तुरंत मामले की जांच करे और जरूरी कानूनी कार्रवाई करे. पार्टी ने कहा कि अगर सरकारी मंच से मुख्यमंत्री द्वारा ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, तो इससे समाज में गलत मैसेज जाएगा और महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर असर पड़ेगा.

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