Jharkhand News: चतरा में तैनात जवान ने खुद को मारी गोली, ड्यूटी के दौरान किया सुसाइड; देवघर का रहने वाला था
चतरा जिले में ड्यूटी पर तैनात SSB के जवान ने सर्विस राइफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. घटना शिला पिकेट की है, जिससे सुरक्षा बलों में हड़कंप मच गया. अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है.
झारखंड के चतरा जिले से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है. यहां ड्यूटी पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के एक जवान ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली. यह घटना सिमरिया थाना क्षेत्र के शिला ओपी पिकेट की है. मृतक का नाम प्रह्लाद सिंह है.
जानकारी के अनुसार, 35वीं बटालियन में तैनात जवान प्रह्लाद सिंह मंगलवार रात करीब 10 बजे ड्यूटी पर मौजूद था. इसी दौरान उसने अपनी सर्विस राइफल से खुद को गोली मार ली. गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना की खबर मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई और सुरक्षा बलों के बीच भी हड़कंप मच गया.
देवघर जिले का निवासी था
मृतक जवान की पहचान प्रह्लाद सिंह के रूप में हुई है, जो झारखंड के देवघर जिले का निवासी था. वह लंबे समय से सशस्त्र सीमा बल में अपनी सेवाएं दे रहा था और वर्तमान में चतरा जिले के शिला पिकेट पर तैनात था. यह घटना उस समय हुई जब वह अपनी नियमित ड्यूटी निभा रहा था, जिससे यह मामला और भी गंभीर हो जाता है.
घटना की सूचना मिलते ही चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल और एसएसबी के कमांडेंट मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चतरा भेज दिया है. साथ ही मृतक जवान के परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है.
जवान के साथियों से पूछताछ की गई
फिलहाल, आत्महत्या के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है. न तो कोई सुसाइड नोट बरामद हुआ है और न ही अभी तक यह स्पष्ट हो सका है कि जवान ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया. पुलिस और एसएसबी के अधिकारी हर पहलू से मामले की जांच कर रहे हैं. साथ ही जवान के सहकर्मियों से भी पूछताछ की जा रही है, ताकि घटना की असली वजह सामने आ सके.
यह पहली बार नहीं है जब झारखंड में किसी जवान द्वारा आत्महत्या की घटना सामने आई हो. इससे पहले अक्टूबर 2025 में राजधानी रांची के धुर्वा स्थित विस्थापित कॉलोनी में झारखंड आर्म्ड फोर्स-2 (JAP-2) के जवान शिव पूजन रजवार ने भी आत्महत्या कर ली थी. वह मूल रूप से बोकारो जिले का निवासी था और उसने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी.