Police Brutality: ‘ये पटवारी का केस है…’ बोलना पड़ा भारी! भड़के थानाध्यक्ष ने थाने में युवक को दिया थर्ड डिग्री टॉर्चर
पंजाब से बरनाला से पुलिस थाने में युवक की पिटाई का मामला सामने आया है. डीसीपी ने इस मामले की जानकारी देते हुए सभी आरोप को बेबुनियाद बताया है. फिलहाल, इस पूरे मामले की जांच जारी है.
पंजाब के बरनाला जिले के धनौला थाना में पुलिस टार्चर का एक मामला सामने आया है, जिसने खाकी वर्दी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. एक पढ़े-लिखे नौजवान और उसकी मां ने पुलिस पर थाने के अंदर बेरहमी से मारपीट, बदसलूकी और मानसिक टॉर्चर करने के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं. ये मामला बरनाला के कालेका गांव की जमीन विवाद से जुड़ा है, जहां पीड़ित परिवार ने पुलिस पर इंसाफ देने की बजाय पुलिस खुद ‘गुंडागर्दी’ के आरोप लगाए हैं.
पीड़ित नौजवान हरप्रीत सिंह निवासी कालेका की आपबीती सुनकर रूह कांप जाती है. हरप्रीत का आरोप है कि थानाध्यक्ष लखबीर सिंह और अन्य मुलाजिमों ने उसे नंगा करके पीटा और सफेद कागजों पर दस्तखत करवाने के लिए मजबूर किया. इतना ही नहीं, जब उसने विरोध किया तो उसे नशे के केस में फंसाने और फेक एनकाउंटर की धमकियां भी दी गईं. हरप्रीत के मुताबिक, पुलिस ने उसके साथ फिल्मी अंदाज में बेदर्दी की सारी हदें पार कर दीं.
युवक को पीटने का आरोप
हरप्रीत की मां जसविंदर कौर का कहना है कि यह सारा मसला जमीन की माप को लेकर शुरू हुआ था. उनका आरोप है कि दूसरे गुट के साथ मिलकर थानाध्यक्ष ने उन पर दबाव बनाया. जब परिवार ने पटवारी की दखलअंदाजी की बात की तो पुलिस अधिकारी भड़क गए और महिलाओं की मौजूदगी में ही नौजवान को गले से पकड़कर पीटना शुरू कर दिया. हालत यह बनी कि डर के मारे यह परिवार इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल भी नहीं गया.
दर-दर की ठोकरें खा रहीं पीड़ित
एक तरफ सरकार महिलाओं और बुजुर्गों के सम्मान की बातें करती है, लेकिन दूसरी तरफ 70 साल की बुजुर्ग हरदीप कौर, जिनके पति ने फौज में रहकर देश की सेवा की, आज इंसाफ के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं. माता हरदीप कौर ने भरी आंखों से बताया कि कैसे पुलिस ने उनके बच्चों के कपड़े फाड़े और उनके मोबाइल फोन तक छीन लिए.
बरनाला डीसीपी ने क्या कहा?
बरनाला डीसीपी सतबीर सिंह ने कालेके गांव से संबंधित मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह घटना जमीन विवाद से जुड़ी हुई है. उन्होंने बताया कि थाना धनौला में दोनों पक्ष अपना पक्ष रखने के लिए पहुंचे थे, जहां थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर लखवीर सिंह दोनों पार्टियों की सुनवाई कर रहे थे. इस दौरान हरप्रीत सिंह (निवासी कालेके) अचानक तैश में आ गया और थानाध्यक्ष लखवीर सिंह के साथ बदसलूकी करते हुए उनकी वर्दी फाड़ दी.
‘कोर्ट में नहीं की मारपीट की शिकायत…’
इस मामले में हरप्रीत के साथ उसकी मां जसविंदर कौर भी शामिल थी.पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थाना धनौला में एफआईआर दर्ज की. डीएसपी ने बताया कि हरप्रीत सिंह को मौके पर ही गिरफ्तारी कर लिया गया था. अगले दिन नियमों के अनुसार युवक का मेडिकल करवाने के बाद कोर्ट में पेश किया गया. मेडिकल रिपोर्ट में हरप्रीत के शरीर पर किसी भी तरह की चोट की पुष्टि नहीं हुई है और न ही अदालत में पेशी के दौरान उसने मारपीट या फिर टॉर्चर से संबंधी कोई शिकायत नहीं की.
दोबारा मेडिकल कराने की अर्जी खारिज
उन्होंने कहा कि आरोपी पक्ष की ओर से सी.जी.एम. कोर्ट बरनाला में दोबारा मेडिकल करवाने के लिए अर्जी दी थी, जिसे अदालत ने तथ्यों के आधार पर खारिज कर दिया. इसके बाद हरप्रीत सिंह द्वारा पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक रिट पिटीशन दायर की गई. पुलिस की ओर से पेश किए गए तथ्यों और सबूतों को देखते हुए माननीय हाईकोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को यह पिटीशन खारिज कर दी है.
उन्होंने कहा कि हरप्रीत सिंह द्वारा लगाए जा रहे मारपीट के आरोप बेबुनियाद हैं और यह केवल केस में राहत पाने और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश है. मोबाइल फोन या गाड़ी संबंधी लगाए गए आरोपों में भी कोई सच्चाई नहीं है. फिलहाल मामले की तफ्तीश जारी है और जल्द ही अदालत में चालान पेश किया जाएगा.