Purnea News: बिहार में शादी के नाम पर हनीट्रैप, राजस्थान के दूल्हों से लूटपाट करने वाला गिरोह गिरफ्तार

पूर्णिया में शादी का झांसा देकर लूटने वाले गिरोह का पर्दाफाश। राजस्थान के युवकों को लड़की दिखाने के बहाने बुलाकर लूटे पैसे और मोबाइल। महिला समेत 5 आरोपी गिरफ्तार।

बाहर के राज्यों से आकर बिहार में शादी करके लड़कियों को ले जाना कोई नई बात नहीं है. वजह है राज्यों में पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं का अनुपात कम होना. अब इसका फायदा एक संगठित गिरोह उठाने लगा है. गिरोह के लोग सुंदर-सुंदर लड़कियों के फोटो भेजकर बाहर के युवाओं को हनीट्रैप में फंसा रहे हैं, वहीं बिहार बुलाकर उनके साथ लूटपाट की घटना को अंजाम दे रहे हैं.

मामला पूर्णिया का है. यहां पुलिस ने शादी कराने का झांसा देकर बाहर से आए लोगों को बुलाकर लूटपाट करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है. मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है तथा लूटे गए सामान भी बरामद कर लिए हैं.

गिरोह के कुछ लोगों ने राजस्थान के अजमेर जिले के चार लोगों को लड़के की शादी कराने का झांसा देकर बिहार के पूर्णिया जिले के बनमनखी बुलाया था. इसके बाद आरोपियों ने उन्हें चार पहिया वाहन से लड़की दिखाने के बहाने सुनसान इलाके में ले जाकर मारपीट की.

अपराधियों ने पीड़ितों से नकदी, चार मोबाइल फोन और एक ट्रॉली बैग छीन लिया. इतना ही नहीं, भय दिखाकर उनके फोन से 98 हजार रुपये भी ऑनलाइन ट्रांसफर करा लिए. वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपित पीड़ितों को आधी रात सुनसान सड़क पर छोड़कर फरार हो गए.

इसी दौरान रात्रि गश्ती कर रही पुलिस टीम की नजर सुनसान इलाके में पैदल जा रहे लोगों पर पड़ी, तो पूछताछ की. पूछताछ के बाद सभी को सुरक्षित बनमनखी थाना लाया गया. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए लूटे गए मोबाइल की वैज्ञानिक जांच शुरू की.

इसके बाद टीम बनाकर सुपौल जिले में छापेमारी की गई, जहां से मो. कौसर खान, मो. मुमताज, मो. आरिफ खान (सभी निवासी मोहनपुर कटहारा, थाना छातापुर, जिला सुपौल), मो. मकबूल (मूल निवासी पश्चिम बंगाल, वर्तमान पता सुपौल) तथा रीना देवी (मूल निवासी मुजफ्फरपुर, वर्तमान पता प्रयागराज) को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस ने आरोपियों के पास से लूटे गए चार मोबाइल फोन, एक ट्रॉली बैग, अन्य तीन मोबाइल तथा घटना में प्रयुक्त बोलेरो वाहन बरामद किया है. पुलिस के अनुसार गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. साथ ही गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जानकारी सीमावर्ती जिलों एवं थानों से जुटाई जा रही है.

कैसे जाल में फंसाते थे?

सभी पुरुष सदस्य सीमांचल में घूम-घूम कर गरीब परिवारों से संपर्क करते थे, फिर परिवार को मोटी रकम का लालच देकर उनकी लड़कियों की शादी बाहर के राज्यों के दूल्हों से करवा देते थे. बाहर के राज्यों के लड़कों को ढूंढने का काम प्रयागराज के करेली थाना क्षेत्र के करेला बाग निवासी रीना देवी करती थी.

इस काम के लिए वह लड़के वालों से मोटी रकम वसूलते थे. वहीं यूपी-राजस्थान के दूल्हों की बिहार में पकड़-धकड़ के बाद इनका काम मंदा पड़ गया था. फिर सभी ने एक संगठित गिरोह बनाकर मोटे पैसे वाले परिवारों को फंसाना शुरू किया और लड़कियों के फोटो भेजकर झांसे में लेते थे.

कभी-कभी अपने परिवार की बहू, बेटी या पत्नी का फोटो भेजकर, वीडियो कॉल पर बात करवाकर भरोसा दिलाते थे. फिर जब लड़के वाले पूर्णिया आते थे, तो उनकी खूब आवभगत करते थे. इसके बाद शादी के लिए ले जाते वक्त उनसे पैसे, जेवर और मोबाइल लूट लेते थे. लूट जाने के बाद कई लोग शर्म के कारण पुलिस में शिकायत भी दर्ज नहीं कराते थे.

कई लोग बार-बार बिहार आने की परेशानी से बिना मामला दर्ज किए ही लौट जाते थे, जिसका फायदा यह गिरोह उठाता था. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि अब तक इस गिरोह ने कितने लोगों को ठगा है.

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