Rakesh Tikait in Bhiwani: खेती घाटा नहीं, ‘दिल्ली की कलम’ बेईमान है, राकेश टिकैत का हमला

भिवानी पहुंचे राकेश टिकैत ने सरकार पर साधा निशाना। बोले- किसानों की जमीन छीनने का रचा जा रहा षड्यंत्र। फसल खरीद के नए नियमों को बताया घातक, आंदोलन की दी चेतावनी।

भिवानी। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि खेती घाटे का सौदा नहीं है, केवल दिल्ली की कलम बेईमान है। किसान अपनी जमीनें न बेचें। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि अलग-अलग तरीकों से किसानों की जमीनें छीनने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। टिकैत रविवार को पूर्व सांसद चौधरी जंगबीर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने किसानों को लेकर सरकार पर जमकर निशाना साधा।

राकेश टिकैत ने हरियाणा में फसल खरीद के नए सरकारी नियमों को घातक बताया और कहा कि मंडी में किराये पर ट्रैक्टर ले जाने वाले को जेल होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जमीन जिसके नाम होगी उसी के खाते में पैसा डाला जाएगा जिससे घरों में झगड़े की स्थिति बनेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि आईएमटी की घोषणा किसानों से जमीन छीनने का षड्यंत्र है क्योंकि सरकार जमीन तो लेती है लेकिन न तो उद्योग लगते हैं और न ही रोजगार मिलता है। उन्होंने कहा कि अधिग्रहित जमीन बाद में व्यापारी महंगे दामों पर बेच देते हैं। टिकैत ने किसानों से अपील की कि वे अपनी जमीन न बेचें।

उन्होंने कहा कि किसानों को रसायनिक खेती के बजाय ऑर्गेनिक खेती की ओर बढ़ना चाहिए इसके लिए सरकार को सब्सिडी देनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि उत्पादन बढ़ाने से कीमतें कम हो जाती हैं। देश में खाद, गैस, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है लेकिन यह व्यापारियों की सरकार है जो ब्लैक मार्केटिंग में विश्वास रखती है। टिकैत ने कहा कि देशभर में बैठकें हो रही हैं और जरूरत पड़ी तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

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