Retirement Planning: ₹5 लाख के निवेश से ऐसे बनाएं ₹1.5 करोड़ का फंड, रिटायरमेंट के बाद पाएं हर महीने ₹1.75 लाख

एक मशहूर कॉमेडियन के चेक बाउंस मामले ने वित्तीय सुरक्षा की पोल खोल दी है। जानें कैसे सही समय पर किया गया ₹5 लाख का निवेश और SWP प्लान आपको रिटायरमेंट के बाद आर्थिक आजादी दिला सकता है।

बीते कुछ दिनों पहले एक नामी कॉमेडियन और अभिनेता के चेक बाउंस मामले में जेल जाने की खबर ने सबको चौंका दिया. बाहर से बेहद सफल दिखने वाले लोग भी कई बार आर्थिक संकट और कर्ज के जाल में फंस जाते हैं. यह घटना एक कड़वी सच्चाई सामने लाती है कि सिर्फ अच्छी कमाई भविष्य की सुरक्षा की गारंटी नहीं है. आम आदमी के लिए यह वाकया एक बड़ा सबक है. जब आपकी नियमित आय रुक जाती है, लेकिन रोजमर्रा के खर्चे लगातार बढ़ते रहते हैं, तब असली परेशानी शुरू होती है. रिटायरमेंट के बाद सुकून भरी जिंदगी बिताने के लिए सही समय पर सही निवेश शुरू करना सबसे बड़ी जरूरत है.

 

रिटायरमेंट प्लानिंग सिर्फ बचत नहीं, महंगाई से लड़ने का हथियार है

अक्सर तीस साल की उम्र के युवा सोचते हैं कि अभी रिटायरमेंट में काफी वक्त है. लेकिन यही देरी भविष्य में उन पर भारी वित्तीय दबाव डालती है. रिटायरमेंट प्लानिंग केवल पैसे बचाने तक सीमित नहीं है. इसका मुख्य उद्देश्य एक ऐसा मजबूत फंड तैयार करना है, जो बढ़ती महंगाई के बावजूद आपके खर्चों को आसानी से संभाल सके.

 

देर से निवेश शुरू करने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि आपको कंपाउंडिंग का पूरा लाभ नहीं मिल पाता. जैसे-जैसे समय बीतता है, महंगाई आपके रिटायरमेंट के लक्ष्य को बड़ा करती जाती है. ऐसे में समय रहते निवेश शुरू करने से पैसा खुद आपके लिए काम करना शुरू कर देता है.

 

5 लाख रुपये के निवेश से 1.5 करोड़ तक पहुंचने का गणित

मान लीजिए कि आपकी उम्र इस समय 30 साल है और आप 60 की उम्र में रिटायरमेंट की योजना बना रहे हैं. आपके पास निवेश के लिए पूरे 30 साल का वक्त है. अगर आप आज म्यूचुअल फंड में 5 लाख रुपये का एकमुश्त निवेश कर देते हैं, तो यह रकम भविष्य में चमत्कार कर सकती है.

 

अगर इस एकमुश्त निवेश पर सालाना औसतन 12 प्रतिशत का अनुमानित रिटर्न मिलता है, तो तीन दशक बाद यह राशि लगभग 1.50 करोड़ रुपये बन जाएगी. समय की ताकत और कंपाउंडिंग के जरिए एक छोटी सी रकम भी आपके बुढ़ापे का मजबूत सहारा बन सकती है.

 

रिटायरमेंट के बाद हर महीने 1.75 लाख रुपये की नियमित आय

नौकरी खत्म होने के बाद निवेश का नजरिया बदल जाता है. तब पूंजी को तेजी से बढ़ाने से ज्यादा अहम नियमित और सुरक्षित आय प्राप्त करना होता है. इसके लिए अपने 1.5 करोड़ रुपये के फंड को कंजरवेटिव हाइब्रिड म्यूचुअल फंड में ट्रांसफर करना एक सुरक्षित विकल्प माना जाता है.

 

हाइब्रिड फंड में जोखिम कम होता है क्योंकि इसका बड़ा हिस्सा सुरक्षित डेट विकल्पों में लगाया जाता है. इसके बाद आप सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान यानी एसडब्ल्यूपी का विकल्प चुन सकते हैं. मान लीजिए रिटायरमेंट के बाद इस सुरक्षित फंड पर आपको 8 प्रतिशत का सालाना रिटर्न मिलता है.

 

अगर आप अगले 10 सालों तक हर महीने अपने खर्च के लिए 1.75 लाख रुपये निकालते हैं, तो यह कुल 2.10 करोड़ रुपये की निकासी होगी. फिर भी, 8 प्रतिशत के रिटर्न की बदौलत आपका मूल फंड भी बढ़ता रहेगा. सही रणनीति और जल्दी शुरुआत से बुढ़ापे की आर्थिक चिंताएं खत्म की जा सकती हैं.

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