RSS प्रमुख मोहन भागवत: मीम्स और रील्स के दौर में संघ बढ़ाएगा सोशल मीडिया सक्रियता!

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा- अच्छे कामों के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल जरूरी। मीम्स और रील्स के जरिए समाज में बदलाव लाएंगे स्वयंसेवक। जानें संघ का नया समन्वय तंत्र।

आज के दौर में सोशल मीडिया की अहमियत लगातार बढ़ती जा रही है, खास तौर से युवा पीढ़ी भी इस नई मीडिया का बखूबी इस्तेमाल कर रही है. RSS प्रमुख मोहन भागवत भी सोशल मीडिया की महत्ता की बात कर रहे हैं. भागवत ने आज गुरुवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि सोशल मीडिया का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होने लगा है, और अच्छे काम के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को ऐसे प्लेटफॉर्म पर अपनी “सक्रियता” बढ़ाने की जरूरत है.

संघ प्रमुख भागवत ने नागपुर में मराठी अखबार ‘तरुण भारत’ के शताब्दी समारोह में कहा कि बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल अच्छे काम के लिए किया जाना चाहिए.

हमें सक्रियता बढ़ानी होगीः संघ प्रमुख

उन्होंने कहा, “मीम्स और रील्स पहले से ही चल रहे हैं. कुछ कंटेंट RSS के संचार विभाग के जरिए फैलाया जा रहे हैं, और हमारे स्वयंसेवक भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल बखूबी कर रहे हैं. इसे स्वीकार्यता मिलेगी. मैं इसे कोई अपेक्षा नहीं कहूंगा, हालांकि हमें वहां अपनी सक्रियता बढ़ानी होगी.

संघ प्रमुख ने कहा कि लोगों को एक साथ लाना और समाज में बदलाव लाना, दोनों ही बेहद जरूरी हो गया है क्योंकि ये एक-दूसरे को मजबूत भी करते हैं. उन्होंने कहा कि जब एक समर्पित स्वयंसेवक तैयार होता है, तो वह रचनात्मक काम करता है, जो समाज में फैलता है और मनचाहे बदलाव में योगदान देता है.

समन्वय तंत्र बनाया जा रहाः संघ प्रमुख

स्वयंसेवक संघ के बारे में उन्होंने कहा कि RSS का काम बढ़ रहा है और इसके लिए विकेंद्रीकरण की जरूरत है. उसके अनुसार, जैसे-जैसे लोगों की अपेक्षाएं बढ़ी हैं, अलग-अलग क्षेत्रों में स्वयंसेवकों की मांग भी बढ़ रही है, जिससे बेहतर कार्यक्षमता के लिए छोटी इकाइयों का होना जरूरी हो गया है.

मिलकर काम करने की जरूरत पर बल देते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि संगठन के बढ़ते काम के लिए सरकार और प्रशासन के साथ समय-समय पर बातचीत की भी जरूरत है, जिसके लिए एक अलग समन्वय तंत्र बनाया जा रहा है. उनका कहना है कि इस तरह के समन्वय को संभालने और आने वाली रुकावटों को दूर करने के लिए “प्रदेश स्तर” पर यूनिट बनाई जा रही है.

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