Umaria News: उमरिया में कोर्ट के चपरासी ने पुलिसकर्मी की कर दी धुनाई, कॉलर पकड़कर फाड़ी वर्दी; मचा हड़कंप
उमरिया के रणविजय चौक पर 28 फरवरी की रात ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी के साथ कोर्ट के एक चपरासी ने मारपीट की और उसकी वर्दी फाड़ दी.
मध्य प्रदेश में अब अपराधियों पर पुलिस का खौफ खत्म होता दिख रहा है. अपराधी बेखौफ होकर वारदात को तो अंजाम दे ही रहे हैं. साथ ही अब पुलिस कर्मियों के साथ भी मारपीट कर रहे हैं. ताजा मामला उमरिया जिले से सामने आया है. यहां जिला मुख्यालय के रणविजय चौक में पुलिसकर्मी के साथ मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. बताया जा रहा है कि यह घटना 28 फरवरी की देर रात की है.
32 सेकेंड के वायरल वीडियो में एक व्यक्ति वर्दीधारी पुलिसकर्मी का कॉलर पकड़कर गालीगलौज करते हुए मारपीट करता नजर आ रहा है. वीडियो में आसपास मौजूद लोग ये कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि देखो वर्दी फट गई.
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रणविजय चौक स्थित जिला न्यायालय के सामने दो लोगों के बीच सड़क पर विवाद हो रहा था. ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को शांत कराने और दोनों पक्षों के बीच बीच-बचाव करने की कोशिश की. इसी दौरान जिला न्यायालय उमरिया में पदस्थ एक चपरासी अचानक पुलिसकर्मी पर ही भड़क गया और उसका कॉलर पकड़कर गालीगलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी.
मारपीट के दौरान पुलिसकर्मी की वर्दी फट गई. मौके पर मौजूद लोगों ने किसी तरह स्थिति को संभाला. घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरे जिले में इसकी चर्चा तेज हो गई है. पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और वर्दी की गरिमा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं.
पुलिस ने किया मामला दर्ज
मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली थाना उमरिया में आरोपी भृत्य के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, मारपीट और गालीगलौज सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है. इस घटना के बाद प्रदेश में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी बहस छिड़ गई है. लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या अपराधियों में पुलिस का भय कम होता जा रहा है. हालांकि, पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
मामले में क्या बोले पुलिस अधीक्षक?
इस संबंध में पुलिस अधीक्षक विजय भागवानी ने घटना का संज्ञान लेते हुए दोषी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है. उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है और पुलिसकर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी. क्योंकि इस तरह की घटना से जनता में एक गलत मैसेज जाता है जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता.