UP Ola-Uber Rules: यूपी में ओला-उबर के लिए नए नियम लागू! रजिस्ट्रेशन और फिटनेस अनिवार्य, वरना नहीं चल पाएगी कैब

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने Ola और Uber ड्राइवरों के लिए पंजीकरण अनिवार्य कर दिया है. अब ड्राइवर 25 हजार रुपये फीस, पुलिस वेरिफिकेशन और मेडिकल टेस्ट के बाद ही गाड़ी चला सकेंगे.

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए परिवहन से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है. कैबिनेट बैठक के बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि यूपी में अब ओला और उबर सहित सभी टैक्सी एग्रीगेटर कंपनियोंं को पंजीकरण कराना होगा. परिवहन मंत्री ने मोटर व्हीकल एक्ट 1988 की धारा 93 का जिक्र किया और बताया कि भारत सरकार ने 1 जुलाई 2025 को नियमावली में संशोधन किया है. भारत सरकार के नियम को उत्तर प्रदेश भी अपनाएगा.

ओला-उबर पर पहले नियंत्रण नहीं था, लेकिन अब इन्हें भी पंजीकरण कराना पड़ेगा. आवेदन, लाइसेंस और रिन्यूअल शुल्क भी देना होगा. कौन गाड़ी चला रहा है, यह अभी तक हम नहीं जान पाते थे, लेकिन अब इस बारे में जानकारी होगी. ड्राइवर का मेडिकल, पुलिस वेरिफिकेशन और फिटनेस टेस्ट आदि भी कराएंगे, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक हो जाएगी.

25 हजार रुपए होगी फीस

परिवहन मंत्री ने बताया कि अब ओला-उबर ड्राइवर यूपी में बिना पंजीकरण शुल्क, फिटनेस, मेडिकल टेस्ट, पुलिस वेरिफिकेशन के गाड़ी नहीं चला पाएंगे. अधिसूचना जारी होने के बाद यह लागू हो जाएगी. आवेदन की फीस 25 हजार रुपये होगी, जबकि 50-100 या इससे अधिक गाड़ी चलाने वाली कंपनी की लाइसेंसिंग फीस पांच लाख रुपये होगी. रिन्यूअल हर पांच साल पर होता रहेगा.

रिन्यूअल के लिए देने होंगे इतने रुपए

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