UPSC Success Story: पिता दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर, बेटे उज्जवल घणघस ने यूपीएससी में हासिल की 174वीं रैंक; गांव धनाना में भव्य स्वागत

भिवानी के उज्जवल घणघस ने यूपीएससी में 174वीं रैंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर पिता प्रदीप घणघस ने वीडियो कॉल पर पढ़ाकर बेटे को यह मुकाम दिलाया। जानें कैसे बिना कोचिंग और अनुशासन के साथ उज्जवल ने पाई यह बड़ी सफलता।

जिले के गांव धनाना के उज्जवल घणघस ने यूपीएससी में 174वीं रैंक लेने के बाद मंगलवार को गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उसका भव्य स्वागत किया। पुलिस में इंस्पेक्टर पिता ने बेटे को कहा कि हवा में मत आना, जनता की सेवा करना। उज्जवल घणघस का भिवानी शहर व गांव में विजय जुलूस निकाला गया। ग्रामीणों ने कहा कि उज्ज्वल का ये स्वागत गांव के बाकी बच्चों के लिए है ताकि वो भी उससे प्रेरित होकर अच्छी पढ़ाई करें और ऊंचा पद पाए। गांव में अपने भव्य स्वागत से गदगद हुए उज्जवल घणघस ने कहा कि तीन साल में उसने कोचिंग की बजाय अपने इंस्पेक्टर पिता से पढ़कर ये मुकाम हासिल किया है।

उज्ज्वल ने कहा कि कोई भी बच्चा अनुशासन व कड़ी मेहनत से यूपीएससी पास कर सकता है। वहीं देश सेवा के नाम पर कुर्सी पर बैठते ही ऐटीटयूट में आकर जनता से दूरी बनाने के सवाल पर हंस कर उज्जवल ने कहा कि मैं बिना ऐटीटयूट के जनता की सेवा करूंगा और अच्छे से अच्छा काम करूंगा। उज्जवल के पिता प्रदीप घणघस दिल्ली पुलिस में इंस्पेक्टर है और फिलहाल एसएचओ के पद पर कार्यरत हैं। अपने बेटे के साथ पहुंचे प्रदीप ने कहा कि मेरी जॉब ऐसी है कि परिवार और ना बच्चों को पूरा समय दे पाते हैं। फिर भी बेटे को पढ़ाने के लिए मैं पहले खुद पढ़ता और फिर वीडियो कॉल पर बेटे के डाउट दूर करता था। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी पब्लिक की सेवा के लिए होता है। मैं एसएचओ रहते कभी हवा में नहीं आया, बेटे को भी यही सलाह दी है। प्रदीप ने कहा कि बेटे को कहा है, गांव व जनता से जुड़े रहकर अच्छे से अच्छा काम करना।

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