अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव को अदालत से राहत, ठोस सबूतों के अभाव में सभी आरोपों से मुक्त
अंडरवर्ल्ड डॉन बबलू श्रीवास्तव को 20 साल पुराने अपहरण मामले में बड़ी राहत। लखनऊ सीबीआई कोर्ट ने ठोस साक्ष्यों के अभाव में किया बरी।
लंबे समय से सलाखों के पीछे बंद अंडरवर्ल्ड डॉन ओम प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ बबलू श्रीवास्तव को करीब 20 साल पुराने एक अपहरण के मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। लखनऊ स्थित केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की विशेष अदालत ने पश्चिम बंगाल के एक होटल व्यवसायी के अपहरण की साजिश से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में बबलू श्रीवास्तव को सभी आरोपों से पूरी तरह बरी कर दिया है। अदालत ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए साक्ष्य आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं थे, जिसके चलते उसे दोषमुक्त करार दिया गया।
🏨 कोलकाता के होटल लिंगटन के मालिक के अपहरण की थी साजिश; नैनी जेल से संचालन का था आरोप
मामले की पृष्ठभूमि और आरोप:
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घटना का दायरा: यह पूरा मामला मूल रूप से कोलकाता के प्रसिद्ध होटल ‘लिंगटन’ के मालिक के कथित अपहरण की साजिश से जुड़ा हुआ था।
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जेल से साजिश का आरोप: जांच एजेंसियों का आरोप था कि बबलू श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश की नैनी सेंट्रल जेल में बंद रहने के दौरान इस अपहरण की पूरी रूपरेखा तैयार की थी। ऐसा कहा गया था कि वह जेल की चारदीवारी के भीतर से ही अपने आपराधिक गिरोह का संचालन कर रहा था और उसी दौरान इस वारदात की योजना बनाई गई थी।
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लंबी कानूनी प्रक्रिया: इस मामले की विस्तृत जांच सीबीआई द्वारा की गई थी। जांच पूरी होने के बाद अदालत में ट्रायल शुरू हुआ और लगभग दो दशक तक चली लंबी सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपनी दलीलें व सबूत पेश किए, लेकिन अदालत में आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस और अकाट्य प्रमाण सामने नहीं आ सके।
🔍 साक्ष्यों की कमी बनी आधार; सीबीआई कोर्ट ने बबलू श्रीवास्तव को किया दोषमुक्त
अदालत का निर्णय:
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संदेह का लाभ: लखनऊ की सीबीआई विशेष अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध सभी साक्ष्यों का बारीकी से परीक्षण किया। अदालत इस निष्कर्ष पर पहुँची कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों को ‘संदेह से परे’ (Beyond Reasonable Doubt) साबित करने में पूरी तरह सफल नहीं रहा है।
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राहत का दायरा: कोर्ट के इस फैसले से करीब 20 साल पुराने इस कानूनी शिकंजे से बबलू श्रीवास्तव को बड़ी राहत मिल गई है।
⛓️ अन्य गंभीर मामलों के चलते अभी जेल में ही रहेगा बबलू श्रीवास्तव; बरेली सेंट्रल जेल में है बंद
वर्तमान कानूनी स्थिति:
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रिहाई क्यों नहीं? इस अपहरण मामले में भले ही अदालत ने उसे बरी कर दिया हो, लेकिन इसका यह कतई मतलब नहीं है कि उसे जेल से तत्काल रिहाई मिल जाएगी।
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सजा काट रहा डॉन: बबलू श्रीवास्तव देश के सबसे चर्चित और कुख्यात अंडरवर्ल्ड सरगनाओं में गिना जाता है। उसके खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में कई अन्य गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह अन्य मामलों में मिली सजा भुगत रहा है और फिलहाल उत्तर प्रदेश की बरेली सेंट्रल जेल में बंद है।
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सीमित प्रभाव: अदालत का यह फैसला केवल इसी होटल व्यवसायी के अपहरण की साजिश तक ही सीमित था, इसलिए अन्य मामलों में उसकी कानूनी स्थिति पर इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा।