आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर भीषण सड़क हादसा, इटावा के DFO विकास नायक और उनके ड्राइवर की मौत
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण सड़क हादसे में इटावा के DFO विकास नायक और उनके चालक की मौत हो गई है। हादसे में छह लोग घायल हुए हैं।
फिरोजाबाद जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में इटावा के जिला वन अधिकारी (DFO) विकास नायक और उनके चालक देवांश की मौत हो गई. हादसा सिरसागंज थाना क्षेत्र के नगला खंगर इलाके में माइलस्टोन 68.800 के पास हुआ. बताया जा रहा कि तेज रफ्तार स्कॉर्पियो-एन के चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई. इससे वाहन बेकाबू होकर डिवाइडर तोड़ते हुए दूसरी लेन में पहुंच गया और सामने से आ रही एक्सयूवी-700 से जा भिड़ा. हादसे में दोनों वाहनों में सवार छह लोग घायल हुए हैं.
डिवाइडर तोड़कर दूसरी लेन में पहुंची स्कॉर्पियो
पुलिस के मुताबिक, मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे स्कॉर्पियो-एन हरियाणा की ओर से लखनऊ की तरफ जा रही थी. इसी दौरान माइलस्टोन 68.800 के पास चालक को झपकी आने की बात सामने आई. वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और डिवाइडर तोड़ते हुए विपरीत दिशा की लेन में पहुंच गया. इसी दौरान सामने से लखनऊ की ओर से आ रही एक्सयूवी-700 से स्कॉर्पियो की जोरदार टक्कर हो गई. टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए.
DFO और चालक की इलाज के दौरान मौत
एक्सयूवी-700 में इटावा के DFO विकास नायक, उनके चालक देवांश समेत तीन लोग सवार थे. वहीं दूसरी गाड़ी में कोलकाता निवासी चालक और उनकी 65 वर्षीय पत्नी समेत अन्य लोग मौजूद थे. हादसे में कुल छह लोगों के घायल होने की जानकारी है. घटना की सूचना मिलते ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम, पीआरबी 5618 और नगला खंगर पुलिस मौके पर पहुंची.
पुलिस और एक्सप्रेसवे कर्मियों ने सभी घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों से बाहर निकाला. इसके बाद एंबुलेंस से सभी को सैफई स्थित पीजीआई अस्पताल भेजा गया. सैफई पीजीआई में इलाज के दौरान DFO विकास नायक और उनके चालक देवांश की मौत हो गई. दोनों की मौत की खबर मिलते ही इटावा वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंच गए. अन्य घायलों का इलाज जारी है.
हादसे के बाद कुछ देर प्रभावित रहा यातायात
हादसे के बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा. पुलिस और एक्सप्रेस-वे की सुरक्षा टीम ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और उन्हें पुलिस चौकी पहुंचाया. इसके बाद एक्सप्रेस-वे पर यातायात सामान्य हो गया.