ईरान का अमेरिका पर तीखा हमला: खामेनेई ने ट्रंप के हस्ताक्षर को बताया बेकार

ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अमेरिका को ‘ग्रेट शैतान’ करार दिया। ट्रंप के साथ हुए MoU को नकारा और दी गंभीर चेतावनी। जानें ईरान-अमेरिका तनाव का पूरा अपडेट।

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने शनिवार को अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए उसे ‘ग्रेट शैतान’ (महा-शैतान) कहा और घोषणा की कि 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन (MOU) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर ‘पूरी तरह बेकार’ हैं. खामेनेई ने यह भी चेतावनी दी कि अगर वाशिंगटन ईरान पर अपने सैन्य हमले जारी रखता है, तो ईरान और उसका ‘रेसिस्टेंस फ्रंट’ (प्रतिरोध मोर्चा) उसे कभी न भूलने वाले सबक सिखाने के लिए तैयार है.

ईरानी राष्ट्र के नाम एक संदेश में, खामेनेई ने अमेरिका पर ईरान के साथ समझौतों का बार-बार उल्लंघन करने का आरोप लगाया और कहा कि एक बार फिर वाशिंगटन की बेईमानी, अतार्किकता, अविश्वसनीयता और दुर्भावनापूर्ण प्रकृति उजागर हो गई है. खामेनेई ने कहा कि ईरान और अमेरिका के राष्ट्रपतियों द्वारा हस्ताक्षरित MOU के संबंध में अमेरिका द्वारा समझौते का बार-बार उल्लंघन एक बुनियादी सच्चाई को फिर से सामने लाया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर पूरी तरह बेकार

उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर पूरी तरह से बेकार और विश्वसनीयता से रहित हैं. जबरदस्ती, तानाशाही और क्रूरता अमेरिकी विचारधारा और सिद्धांत के अभिन्न अंग हैं. ईरानी नेता ने आगे आरोप लगाया कि अमेरिका ने अपनी हरकतों से अपना असली, बेनकाब चेहरा दिखा दिया है और इन हरकतों को अपराध और तोड़े गए वादों का एक और उदाहरण बताया.

‘अमेरिका को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी’

वाशिंगटन के साथ चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए, खामेनेई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने तनाव और बढ़ाया, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी. उन्होंने कहा कि अब जब अमेरिकी दुश्मन टकराव को और बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिससे उसे और भी भारी नुकसान और अपमान का सामना करना पड़ेगा, तो उसे यह जान लेना चाहिए कि ईरान की महान जनता और ‘रेसिस्टेंस फ्रंट’ के पास उसके लिए ऐसे सबक हैं, जिन्हें वह कभी नहीं भूल पाएगा.

दुश्मनों का सामना करने का ईरान का संकल्प

खामेनेई ने इस्लामी लड़ाकों की बहादुरी और दक्षिणी इलाकों के साहसी लोगों के सम्मान की भी तारीफ की, जो हालिया तनाव के दौरान सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं और इन्हें अपने दुश्मनों का सामना करने के ईरान के संकल्प का उदाहरण बताया. राष्ट्रीय एकता का आह्वान करते हुए, ईरान के सर्वोच्च नेता ने नागरिकों और सरकारी अधिकारियों से देश की गरिमा और आजादी की रक्षा करने का आग्रह किया, खासकर उस चालाक और अपराधी अमेरिकी दुश्मन के ख़िलाफ.

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ा तनाव

उन्होंने ईरानी लोगों से यह भी अपील की कि वे देश के संस्थानों का समर्थन करना जारी रखें और साथ ही देश के हितों की रक्षा के लिए सतर्क रहें. उनके ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ गया है. यह तनाव पिछले महीने हुए MoU (समझौता ज्ञापन) के विफल होने के बाद बढ़ा है, जिसका मकसद दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी खत्म करना और आगे की बातचीत का रास्ता खोलना था.

पश्चिम एशिया में संघर्ष फिर से शुरू

इस समझौते के विफल होने से पश्चिम एशिया में संघर्ष फिर से शुरू हो गया है. अमेरिका ने ईरान के सैन्य और नागरिक ठिकानों पर हमले किए हैं, और जवाब में इस्लामिक रिपब्लिक ने भी खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है.

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