केजीएमयू की कुलसचिव अर्चना गहरवार हटीं, एकेटीयू की कुलसचिव रीना सिंह को मिली जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने 15 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। केजीएमयू कुलसचिव अर्चना गहरवार को हटाकर एकेटीयू भेजा गया है, जबकि रीना सिंह को केजीएमयू लाया गया है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करते हुए एक बार फिर बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए 15 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) की कुलसचिव अर्चना गहरवार के तबादले की है। आपको बता दें कि केजीएमयू में नर्सिंग छात्रों का आंदोलन लगातार तूल पकड़ रहा था और छात्र उन्हें हटाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार ने उन्हें अब केजीएमयू से हटाकर डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (AKTU) का कुलसचिव बनाकर भेजा है, जबकि उनके स्थान पर एकेटीयू की कुलसचिव रीना सिंह को केजीएमयू की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।

⚖️ पंचायती राज विभाग में भी बड़ा बदलाव: मंत्री ओम प्रकाश राजभर से विवाद के बाद निदेशक अमित कुमार सिंह हटाए गए

इस प्रशासनिक सूची में पंचायती राज विभाग में भी एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां निदेशक अमित कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है। उन्हें अब प्रबंध निदेशक, पीसीडीएफ (PCDF) की नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि उनकी जगह श्रीहरि प्रताप शाही को पंचायती राज विभाग का नया निदेशक बनाकर लाया गया है। गौरतलब है कि अमित कुमार सिंह का पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। मंत्री राजभर ने इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर प्रमुख सचिव और निदेशक के खिलाफ सीधी शिकायत की थी, जिसके बाद पहले प्रमुख सचिव और अब निदेशक का तबादला कर दिया गया है।

📋 डॉ. उज्जवल कुमार और श्रीमती जे. रीभा समेत कई अन्य वरिष्ठ अफसरों के भी हुए तबादले

तबादले की इस लंबी सूची में कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। डॉ. उज्जवल कुमार को विशेष सचिव एवं निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, इससे पहले वे प्रबंध निदेशक, उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन के पद पर कार्यरत थे। उनकी जगह अब श्रीमती जे. रीभा को उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन का नया प्रबंध निदेशक बनाया गया है। इसके अलावा विभिन्न जनपदों और विभागों के कई अपर आयुक्त, विकास अधिकारी, विशेष सचिव और प्रबंध निदेशक स्तर के अधिकारियों के भी कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है।

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