क्या स्टेंट लगने के बाद कभी नहीं आता हार्ट अटैक? जानिए दिल के डॉक्टरों का सच

क्या स्टेंट लगने के बाद हार्ट अटैक का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है? जानिए कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सुक्रीति भल्ला की राय और दिल को सुरक्षित रखने के 5 जरूरी नियम।

दिल की धमनियों (कोरोनरी आर्टरीज) में गंभीर ब्लॉकेज होने पर ब्लड फ्लो को नॉर्मल करने के लिए स्टेंट लगाया जाता है. कई लोग यह मान लेते हैं कि एक बार स्टेंट लगने के बाद फ्यूचर में हार्ट अटैक का खतरा पूरी तरह खत्म हो जाता है. लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक ऐसा सोचना सही नहीं है. स्टेंट ब्लॉकेज वाली धमनी को खोलने में मदद करता है, लेकिन हृदय रोग की मूल समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होती.

डॉक्टरों का कहना है कि यदि मरीज दवाएं समय पर नहीं लेता, धूम्रपान जारी रखता है, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित नहीं रखता या नियमित व्यायाम और संतुलित आहार नहीं अपनाता, तो दूसरी धमनियों में भी ब्लॉकेज विकसित हो सकती है. ऐसी स्थिति में दोबारा हार्ट अटैक आने का खतरा बना रहता है.

एक्सपर्ट ने क्या कहा

डॉक्टर सुक्रीति भल्ला, एसोसिएट डायरेक्टर एंड यूनिट हेड, कार्डियोलॉजी, आकाश हेल्थ केयर का कहना है कि कुछ मामलों में स्टेंट के अंदर भी री-स्टेनोसिस या रक्त का थक्का (स्टेंट थ्रॉम्बोसिस) बन सकता है. हालांकि आधुनिक ड्रग-एल्यूटिंग स्टेंट और सही दवा लेने से यह जोखिम काफी कम हो जाता है.

एक्सपर्ट कहती हैं कि स्टेंट हार्ट अटैक का स्थायी इलाज नहीं है बल्कि यह बंद या संकरी हुई धमनी में रक्त प्रवाह को बहाल करने का एक प्रभावी तरीका है. यदि मरीज दवाएं नियमित रूप से लेता है, ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखता है तो दोबारा हार्ट अटैक का जोखिम काफी कम किया जा सकता है. लेकिन यह कहना गलत होगा कि स्टेंट लगने के बाद हार्ट अटैक कभी नहीं होगा.

इन बातों का रखें खास ध्यान

एक्सपर्ट के मुताबिक स्टेंट के बाद मरीज को पूरी लाइफ हार्ट को हेल्दी रखने वाली आदतें अपनानी चाहिए. रेगुलर फॉलो-अप, डॉक्टर की सलाह के अनुसार ब्लड थिनर और अन्य दवाओं का सेवन, धूम्रपान से दूरी, वजन नियंत्रित रखना और रोजाना शारीरिक गतिविधि करना बेहद जरूरी है.

यदि स्टेंट लगने के बाद भी सीने में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना या जबड़े, कंधे अथवा बाएं हाथ में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए.

सावधानी के लिए 5 जरूरी बातें

डॉक्टर की सलाह के बिना ब्लड थिनर या अन्य दवाएं बंद न करें.

धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी बनाएं.

रोज कम से कम 3045 मिनट टहलें या व्यायाम करें.

ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहें.

सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें.

स्टेंट दिल की ब्लॉकेज का प्रभावी उपचार है, लेकिन यह भविष्य में हार्ट अटैक के जोखिम को पूरी तरह समाप्त नहीं करता. सही दवा, नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर दोबारा हार्ट अटैक की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है.

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