क्या HDMI की जगह ले लेगी GPMI केबल? जानिए 96Gbps बैंडविड्थ और 8K सपोर्ट वाले इस नए कनेक्टर के बारे में
चीनी टेक कंपनियों द्वारा पेश की गई GPMI केबल एक ही कनेक्टर से वीडियो, ऑडियो, डेटा और पावर ट्रांसफर कर सकती है। जानिए इसके फीचर्स।
TV, मॉनिटर, लैपटॉप या गेमिंग कंसोल को किसी दूसरे डिवाइस से कनेक्ट करना हो, तो HDMI केबल का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है. लंबे समय से इसका इस्तेमाल ऑडियो और वीडियो ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा है. लेकिन अब केबल टेक्नोलॉजी में एक नया नाम चर्चा में है GPMI यानी General Purpose Media Interface.
इसे 50 से ज्यादा चीनी टेक कंपनियों ने मिलकर तैयार किया है. इसकी खासियत यह है कि यह सिर्फ वीडियो और ऑडियो भेजने तक सीमित नहीं है. GPMI के जरिए एक ही केबल से वीडियो, ऑडियो, डेटा, नेटवर्क, कंट्रोल सिग्नल और पावर भी ट्रांसफर की जा सकती है. यानी अलग-अलग काम के लिए कई केबल लगाने की जरूरत कम हो सकती है. तो क्या GPMI आने वाले समय में HDMI की जगह ले सकता है? और क्या इसकी पिक्चर क्वालिटी HDMI से बेहतर होगी? चलिए आपको आसान भाषा में समझाते हैं.
GPMI में मिलते हैं दो तरह के ऑप्शन
GPMI को Type-C और Type-B, दो फॉर्मेट में पेश किया गया है. दोनों की क्षमता अलग-अलग है. Type-C में USB-C जैसा कनेक्टर मिलता है. यह 96Gbps तक की बैंडविड्थ और 240W तक की पावर डिलीवरी सपोर्ट करता है. वहीं Type-B में अलग तरह का कनेक्टर दिया गया है. इसकी बैंडविड्थ 192Gbps तक है और यह 480W तक पावर सपोर्ट कर सकता है.
दोनों फॉर्मेट में 8K वीडियो का सपोर्ट मौजूद है. यानी GPMI को हाई-रेजोल्यूशन डिस्प्ले और ज्यादा डेटा ट्रांसफर की जरूरत वाले कामों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
GPMI और HDMI में क्या है खास फर्क?
GPMI की सबसे बड़ी खासियत इसका ऑल-इन-वन डिजाइन है. आम तौर पर किसी बड़े AV सेटअप में वीडियो, ऑडियो, नेटवर्क और पावर के लिए अलग-अलग केबल लगानी पड़ सकती हैं. लेकिन GPMI को इस तरह बनाया गया है कि एक ही कनेक्शन से कई तरह के सिग्नल संभाले जा सकें.
इससे केबलों का जाल कम करने और सेटअप को मैनेज करना आसान बनाने में मदद मिल सकती है. खासकर 8K डिस्प्ले, वीडियो वॉल, डिजिटल साइनिज, कॉन्फ्रेंस रूम और गेमिंग जैसे कामों में यह उपयोगी हो सकता है.दूसरी तरफ, HDMI का इस्तेमाल टीवी, मॉनिटर, गेमिंग कंसोल और दूसरे डिवाइस में ऑडियो-वीडियो सिग्नल भेजने के लिए बड़े स्तर पर होता है.
किसकी पिक्चर क्वालिटी है बेहतर?
GPMI की खासियत इसकी ज्यादा बैंडविड्थ और 8K वीडियो सपोर्ट है. इसके Type-B फॉर्मेट में 192Gbps तक की बैंडविड्थ मिलती है, जबकि HDMI 2.2 की अधिकतम बैंडविड्थ 96Gbps है. हालांकि, ज्यादा बैंडविड्थ का मतलब यह नहीं कि हर स्थिति में स्क्रीन पर तस्वीर अपने आप बेहतर दिखेगी. पिक्चर क्वालिटी इस बात पर भी निर्भर करती है कि आप कौन-सा डिस्प्ले, सोर्स डिवाइस और कंटेंट इस्तेमाल कर रहे हैं.
यहां एक और बात समझना जरूरी है. GPMI में 8K वीडियो सपोर्ट बताया गया है, जबकि HDMI 2.1 और DisplayPort 2.1 के लिए 10K और 16K रेजोल्यूशन तक आउटपुट का जिक्र है. इसलिए सिर्फ बैंडविड्थ या रेजोल्यूशन के आधार पर किसी एक को हर मामले में बेहतर नहीं कहा जा सकता.
क्या HDMI की जगह ले पाएगा GPMI?
GPMI के स्पेसिफिकेशन जरूर दमदार हैं, लेकिन इसके सामने सबसे बड़ी चुनौती है ज्यादा से ज्यादा डिवाइस में इसका इस्तेमाल शुरू होना. HDMI पहले से ही टीवी, मॉनिटर, गेमिंग कंसोल और कई दूसरे डिवाइस में मौजूद है. GPMI को इस्तेमाल करने के लिए ऐसे नए हार्डवेयर और डिवाइस की जरूरत होगी, जो इसे सपोर्ट करते हों. पुराने HDMI या DisplayPort डिवाइस के साथ इसकी सीधी बैकवर्ड कम्पैटिबिलिटी भी नहीं है. यानी सिर्फ नई केबल खरीदकर इसे पुराने डिवाइस में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.
कुल मिलाकर, GPMI एक ही केबल से कई तरह के सिग्नल और पावर ट्रांसफर करने का विकल्प देता है. लेकिन HDMI की जगह लेने के लिए इसे ज्यादा डिवाइस में सपोर्ट और लोगों के बीच इस्तेमाल बढ़ाने जैसी चुनौतियों से गुजरना होगा. फिलहाल, इसके फीचर्स को देखते हुए भी यह कहना जल्दबाजी होगी कि GPMI HDMI को पूरी तरह रिप्लेस कर देगा.