खानपुर महिला मेडिकल कॉलेज में MBBS छात्राओं से छेड़छाड़, सुरक्षा की मांग को लेकर धरने पर बैठीं छात्राएं
गोहाना के भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज में दो MBBS इंटर्न छात्राओं से छेड़छाड़ के बाद निदेशक कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू।
गोहाना : गोहाना के खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज में MBBS की दो इंटर्न छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद मेडिकल छात्राओं में रोष है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आज बड़ी संख्या में MBBS छात्राएं निदेशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गईं। छात्राओं की मांग है कि मेडिकल कैंपस और हॉस्टल के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।
खानपुर कलां के भगत फूल सिंह महिला मेडिकल कॉलेज में दो दिन पहले MBBS की दो इंटर्न छात्राओं के साथ अलग-अलग घटनाएं सामने आई थीं। छात्राओं के आरोप के मुताबिक, रात करीब साढ़े 10 बजे ड्यूटी से लौट रही एक इंटर्न के साथ हॉस्टल के पास हाथापाई की गई। छात्रा ने चेहरे पर हाथ रखने और गर्दन पर खरोंच मारने का आरोप लगाया है। वहीं, रात करीब 11 बजकर 13 मिनट पर लाइब्रेरी से हॉस्टल लौट रही दूसरी इंटर्न को पीछे से पकड़ने, मुंह और गला दबाने तथा उसके साथ आपत्तिजनक हरकत करने के आरोप लगाए गए हैं।
छात्राओं का आरोप है कि घटनास्थल के आसपास पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा गार्ड मौजूद नहीं थे। घटना के बाद पुलिस के पहुंचने में देरी का भी छात्राओं ने आरोप लगाया, जिसके चलते रात में मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रदर्शन किया गया। मामले में महिला इंटर्न की शिकायत पर महिला थाना खानपुर कलां में आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 74 और 78 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
लेकिन अब छात्राओं का सवाल है कि जब कैंपस में महिला मेडिकल छात्राएं रात-दिन ड्यूटी करती हैं, तो उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं। इसी मांग को लेकर आज MBBS की छात्राएं निदेशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गईं। छात्राओं की मांग है कि कैंपस, हॉस्टल और आने-जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त सुरक्षा गार्ड, लाइटिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
वहीं महिला मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ जगदीश चंद्र दुरेजा ने बताया कि छात्राओं ने सुरक्षा को लेकर डिमांड रखी थी मेडिकल कैंपस में सुरक्षा कर्मियों की कमी है। हमारा कैंपस बड़ा है, लेकिन जिस हिसाब से सुरक्षा कर्मी होने चाहिए वे नहीं है। यह सरकार के लेवल का मामला है। हमने सरकार को सुरक्षा गार्ड्स का मसला भेजा हुआ है। देखते है सरकार क्या फैसला लेती है, जो छात्राओं के साथ छेड़छाड़ हुई उसमें पुलिस शिकायत कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।