गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाका: आतंकी हमले की आशंका, पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी पर शक की सुई

गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में धमाका। पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और आतंकी कनेक्शन की जांच में जुटी एटीएस। पूरी खबर पढ़ें।

गाजियाबाद की वसुंधरा पुलिस चौकी में हुए एक जोरदार धमाके के बाद से पूरे पुलिस महकमे और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में यह चौंकाने वाला दावा किया जा रहा है कि पुलिस चौकी पर ऊपर से गुजर रहे एलिवेटेड रोड के ऊपर खड़े होकर किसी ने विस्फोटक फेंका था। यह धमाका सीधे चौकी की छत पर हुआ, जिसका भयंकर असर दीवारों और खिड़कियों पर पड़ा, जिससे वहां लगे कांच टूट गए। दीपावली के पावन पर्व पर जब पुलिस पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने में जुटी हुई थी, ऐसे समय में ठीक पुलिस चौकी के भीतर धमाका होने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी आनन-फानन में मौके पर पहुंचे और तुरंत फॉरेंसिक टीम को बुलाकर तमाम साक्ष्य एकत्र करवाए। खुफिया एजेंसियों को शक है कि इस संभावित आतंकी साजिश के पीछे पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का हाथ हो सकता है।

🕵️‍♂️ पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी और संदिग्ध मॉड्यूल पर एजेंसियों की पैनी नजर

खुफिया खुलासे और पुराना नेटवर्क:

  • शहजाद भट्टी का कनेक्शन: एटीएस और खुफिया सूत्रों की मानें तो इस खतरनाक हमले के पीछे पाकिस्तानी आतंकी शहजाद भट्टी का हाथ होने की पूरी आशंका है, जो आए दिन भारत के नागरिकों को अलग-अलग माध्यमों से धमकियां देता रहता है।

  • स्थानीय गुर्गे: सूत्रों का कहना है कि उसके कई गुर्गे भारत के भीतर सक्रिय हैं, जो उसके इशारे पर पूर्व में भी धमकी भरे खत और पत्र डाल चुके हैं। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियों का पहला शक उसी पर टिक गया है।

  • मार्च 2026 का खुलासा: आपको बता दें कि कौशांबी थाना पुलिस ने मार्च 2026 में पाकिस्तान के लिए रेकी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया था। उस दौरान पांच नाबालिगों समेत कई आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, जिनके फोन से पाकिस्तानी नंबर पर वॉट्सऐप के जरिए देश के प्रमुख सैन्य ठिकानों, रेलवे स्टेशनों और कई वीआईपी हस्तियों के फोटो व लोकेशन टैग भेजे गए थे। इस गिरोह के सदस्य भी सीधे तौर पर शहजाद भट्टी के संपर्क में थे।

🔍 हमले से पहले की गई थी पूरी रेकी; एलिवेटेड रोड को क्यों चुना गया?

घटनास्थल की स्थिति और तकनीक:

  • रोड की खूबी: पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों द्वारा पूरी रेकी की गई थी। हमलावरों के लिए यह एलिवेटेड रोड इसलिए सबसे मुफीद साबित हुआ क्योंकि इस पर सामान्य वाहनों का दबाव कम रहता है।

  • कैमरों की चोरी: यहां पूर्व में जो सीसीटीवी कैमरे लगे थे, वे चोरी हो चुके थे। वहीं, नीचे सड़क और चौकी के आसपास लगे कैमरों का फोकस केवल नीचे की ओर ही रहता है। ऐसे में कैमरों की नजर से बचकर सुरक्षित तरीके से इस वारदात को अंजाम देने के लिए एलिवेटेड रोड को चुना गया।

  • लावारिस स्कूटी की जांच: पुलिस सूत्रों ने बताया कि शनिवार सुबह एलिवेटेड रोड के पास एक स्कूटी लावारिस हालत में बरामद हुई है। यह स्कूटी पुलिस चौकी के आसपास से ही मिली है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह स्कूटी किसकी है और यहां कितनी देर तक खड़ी रही। साथ ही सर्विलांस टीम एलिवेटेड रोड और चौकी के आसपास के तमाम मोबाइल डेटा और संदिग्ध नंबरों को खंगाल रही है।

📋 लखनऊ मुख्यालय भेजी गई शुरुआती रिपोर्ट; वीवीआईपी मार्ग होने के कारण बढ़ाई गई सुरक्षा

प्रशासनिक सख्ती और अलर्ट:

  • एजेंसियों का जमावड़ा: आईबी (IB), यूपी एटीएस (UP ATS), एनआईए (NIA) के अलावा स्थानीय खुफिया इकाई, विशेष जांच शाखा और दिल्ली पुलिस समेत तमाम बड़ी जांच एजेंसियां शनिवार को दिनभर मौके पर डटी रहीं। सभी ने अपने-अपने एंगल से चौकी का बारीकी से मुआयना किया और धमाके के प्रभाव का आकलन किया।

  • रिपोर्ट प्रेषण: गाजियाबाद पुलिस ने इस पूरे धमाके की एक विस्तृत शुरुआती रिपोर्ट तैयार कर लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय को भेज दी है।

  • संवेदनशील क्षेत्र: वसुंधरा पुलिस चौकी एक बेहद संवेदनशील पॉइंट मानी जाती है, क्योंकि इसके ठीक ऊपर से गुजरने वाला एलिवेटेड रोड एक प्रमुख वीवीआईपी मार्ग है। देश के मुख्यमंत्री से लेकर तमाम वीआईपी हस्तियां हिंडन एयरपोर्ट से दिल्ली जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करती हैं। यही कारण है कि घटना के बाद पुलिस हाई अलर्ट मोड पर आ गई है और शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हिंडन एयरफोर्स स्टेशन, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन और बस अड्डों के आसपास सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं।

🌐 ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान’ ने ली जिम्मेदारी; एटीएस ने सभी जिलों को किया सतर्क

संगठन का दावा और निर्देश:

  • आतंकी कनेक्शन: पुलिस चौकी में हुए इस धमाके की घटना को लेकर एटीएस ने भी अपनी छानबीन तेज कर दी है। घटना के पीछे संभावित आतंकी कनेक्शन को खंगाला जा रहा है। एटीएस पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी द्वारा सक्रिय किए गए स्लीपर सेल मॉड्यूल की भी गहराई से पड़ताल कर रही है।

  • संगठन का दावा: इस बीच, पुलिस चौकी में हुई इस घटना की जिम्मेदारी ‘तहरीक-उल-मुजाहिदीन हिंदुस्तान’ नामक एक अज्ञात संगठन द्वारा ली गई है। एटीएस इस संगठन के वजूद और पृष्ठभूमि को लेकर भी पुख्ता जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों के सामने इस संगठन का नाम पहली बार सामने आया है।

  • त्योहारी अलर्ट: एटीएस के निर्देश पर प्रदेश के सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है ताकि दीपावली के त्योहार के दौरान किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा सके।

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