गाजियाबाद नगर निगम का नया सर्वे: अब इन सोसाइटियों के फ्लैट्स पर लगेगा टैक्स
गाजियाबाद नगर निगम ने नई संपत्तियों पर टैक्स निर्धारण के लिए सर्वे शुरू किया। राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग रिपब्लिक समेत कई सोसाइटियों के फ्लैट होंगे दायरे में।
गाजियाबाद नगर निगम ने चालू वित्त में नई संपत्ति पर टैक्स की दरें निर्धारित करने के लिए सर्वे शुरू किया है। पांचों जोन की टीमें क्षेत्र में संपत्ति का रिकॉर्ड जुटा रही हैं। सोसाइटी के नए फ्लैट से लेकर मकानों और दुकानों पर टैक्स निर्धारण किया जाएगा।
निगम ने लोगों से खुद भी संपत्ति पर टैक्स निर्धारण कराने की अपील की है। निगम क्षेत्र में साढ़े पांच लाख से ज्यादा करदाता हैं। पिछले एक साल में शहरी क्षेत्र में कई नई संपत्ति तैयार हुई हैं। कॉलोनियों में नए मकान और दुकान बन गए तो सोसाइटी के फ्लैट में लोग रहने लगे हैं। निगम ने इनका टैक्स निर्धारण नहीं किया है। निगम ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए नई संपत्ति पर टैक्स निर्धारण की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए कविनगर, सिटी जोन, विजयनगर, वसुंधरा और मोहननगर जोन में सर्वे कराया जा रहा है। टैक्स विभाग के कर्मचारी नई संपत्ति का रिकॉर्ड तैयार कर रहे हैं। इसके बाद जोन से बिल जारी किए जाएंगे।
राजनगर एक्सटेंशन में 50 सोसाइटी हैं और यहां कुल 26,143 फ्लैट हैं। इनमें से निगम ने पिछले साल करीब 24,375 पर टैक्स निर्धारण किया था। लगभग 1768 फ्लैट पर टैक्स निर्धारण नहीं हुआ था, क्योंकि उस समय फ्लैट में लोग नहीं रह रहे थे।
क्रॉसिंग रिपब्लिक और वेव सिटी में भी टैक्स लगेगा
क्रॉसिंग रिपब्लिक में 25 सोसाइटी हैं। इनमें 13493 फ्लैट हैं। विजयनगर जोन ने पिछले वित्त वर्ष में करीब 9646 फ्लैट पर टैक्स निर्धारण किया था, लेकिन 4847 फ्लैट पर टैक्स निर्धारण नहीं हुआ। कई फ्लैट में लोगों ने रहना शुरू कर दिया है। जिन फ्लैटों में लोग रह रहे हैं, निगम उन पर टैक्स निर्धारण करेगा। वेव सिटी में भी लोगों ने बड़ी संख्या में रहना शुरू कर दिया है। यहां पर भी कर निर्धारण किया जा रहा है। आदित्य वर्ल्ड सिटी और लैंड क्राफ्ट गोल्फ लिंक्स आदि सोसाइटी पर टैक्स लग रहा है। निगम का दावा है कि इस साल सभी सोसाइटी के फ्लैट पर टैक्स निर्धारण किया जाएगा।
20 साल तक सोसाइटियों के निर्माण पर रोक लगाने की मांग
वहीं, गाजियाबाद जिले में बढ़ते प्रदूषण के लिए सोसाइटियों के निर्माण को जिम्मेदार ठहराते हुए फ्लैट ऑनर फेडरेशन ने गाजियाबाद में अगले 20 साल तक बहुमंजिला इमारतों (सोसाइटी) के निर्माण पर रोक लगाने की मांग की है। फेडरेशन के चेरयमैन सेवानिवृत्त कर्नल टीपी त्यागी ने जीडीए को लिखे पत्र में कहा है कि गाजियाबाद में वायु प्रदूषण के मुख्य कारण वाहन और निर्माण हैं। जिले में नई सोसाइटियां बनाई जा रही हैं। नए निर्माण का मतलब अतिरिक्त प्रदूषण। यही कारण है कि गाजियाबाद देश का सर्वाधिक प्रदूषित शहर बन गया है। वायु प्रदूषण के कणों के जमने से फेफड़ों की क्षमता कम होती है, जिसका वर्तमान में कोई इलाज नहीं है। ऐसे में गाजियाबाद में अगले 20 साल तक सोसाइटियों के निर्माण पर रोक लगनी चाहिए।