गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में बड़ी कार्रवाई; लापरवाही और भ्रष्टाचार के आरोप में 9 दरोगा लाइनहाजिर
गाजियाबाद में लापरवाही और अनियमितताओं के चलते 9 दरोगाओं को लाइनहाजिर कर दिया गया है। वहीं, जिला आबकारी अधिकारी और दो इंस्पेक्टरों को भी निलंबित किया गया है।
गाजियाबाद । गाजियाबाद कमिश्नरेट में अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण और विवेचना में गंभीर लापरवाही बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने हंटर चलाया है। तीनों जोन के डीसीपी ने अपने-अपने क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए कुल नौ दरोगाओं (उपनिरीक्षकों) को लाइनहाजिर कर दिया है। इसके साथ ही लोनी थाने के प्रभारी के खिलाफ प्रारंभिक जांच शुरू की गई है, जबकि दो अन्य उपनिरीक्षकों को कड़ी चेतावनी दी गई है। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।
🔍 कार्य कामकाज की समीक्षा के बाद तीनों जोन के डीसीपी ने की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थानों और चौकियों में तैनात पुलिसकर्मियों के कामकाज की नियमित समीक्षा के दौरान जनशिकायतों के निस्तारण में भारी लापरवाही, विवेचनाओं में मनमानी और क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश न लगाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसके बाद कमिश्नरेट के तीनों जोन के डीसीपी ने सख्त कदम उठाते हुए:
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सिटी जोन: 4 उपनिरीक्षकों को लाइनहाजिर किया।
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ट्रांस हिंडन जोन: 3 उपनिरीक्षकों पर गाज गिरी।
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ग्रामीण जोन: 2 उपनिरीक्षकों को लाइनहाजिर किया गया।
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इसके अलावा, लोनी थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह के खिलाफ जनशिकायतों के निस्तारण में बेहद खराब प्रदर्शन पाए जाने पर प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं।
👮♂️ किस दरोगा पर क्यों हुई कार्रवाई? जानिए पूरा मामला
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हर्षमणि तिवारी (नवयुग मार्केट चौकी प्रभारी): क्षेत्र के एक होटल में देह व्यापार का मामला उजागर होने के बाद उन्हें तत्काल कार्रवाई का सामना करना पड़ा और लाइनहाजिर किया गया।
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पंकज कुमार वर्मा (नासिरपुर चौकी प्रभारी, सिहानी गेट): विवेचना में गंभीर अनियमितता बरतने और गुरुद्वारे से जुड़े एक प्रकरण में एक पक्ष विशेष का पक्ष लेने के आरोपों के चलते इन्हें हटाया गया।
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मनीष कुमार सिंह (सेक्टर-9 चौकी प्रभारी, विजयनगर): जनसुनवाई में लगातार रुचि न लेने और आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल की रैंकिंग में थाना क्षेत्र के पिछड़ने के कारण यह कार्रवाई हुई।
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जीवेश कुमार देव (विजयनगर थाना): गुमशुदगी दर्ज होने के बावजूद, सड़क हादसे में जान गंवाने वाले एक बुजुर्ग का अंतिम संस्कार बिना पहचान के ‘लावारिस’ के रूप में कराए जाने के बेहद गंभीर मामले में इन्हें लाइनहाजिर किया गया।
🍾 गाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी और दो इंस्पेक्टर भी सस्पेंड
पुलिस महकमे के अलावा आबकारी विभाग में भी गाज गिरी है। शासन ने गाजियाबाद के जिला आबकारी अधिकारी और दो आबकारी इंस्पेक्टरों को निलंबित (सस्पेंड) कर दिया है:
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कार्रवाई का कारण: इन अधिकारियों पर नाइट क्लबों में वैध लाइसेंस के बिना शराब परोसने और दूसरे राज्यों से लाई गई अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक न लगाने का गंभीर आरोप है। यह सख्त कार्रवाई शुक्रवार को आबकारी एवं मद्य निषेध मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नितिन अग्रवाल के स्पष्ट निर्देशों पर की गई।
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निलंबित अधिकारी: जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार अपने कार्यकाल के दौरान इन गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं को रोकने में पूरी तरह विफल रहे। इसके चलते शासन ने जिला आबकारी अधिकारी संजय कुमार, सेक्टर-2 के इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह और सेक्टर-5 के इंस्पेक्टर चमन सिंह को सस्पेंड कर दिया है।
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संबद्ध व जांच: निलंबन अवधि के दौरान संजय कुमार को आबकारी आयुक्त प्रयागराज कार्यालय से संबद्ध किया गया है। पूरे मामले की विस्तृत विभागीय जांच के लिए मेरठ के उप आबकारी आयुक्त को जांच अधिकारी नामित किया गया है।