गाजियाबाद में लागू हुई एकमुश्त समाधान योजना, 3 लाख संपत्तियों का 220 करोड़ रुपये ब्याज माफ
गाजियाबाद नगर निगम में एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू हो गई है। 3 लाख संपत्तियों का 220 करोड़ रुपये ब्याज माफ होगा, जिससे गृहकर बकायेदारों को राहत मिलेगी।
गाजियाबाद नगर निगम में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) लागू हो गई है। शहर की लगभग तीन लाख संपत्तियों का 220 करोड़ रुपये का ब्याज माफ होगा। इसमें शहर के करदाताओं के अलावा केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यालयों का ब्याज भी शामिल है। सॉफ्टवेयर अपडेट होते ही कर जमा करने के लिए पंजीकरण करा सकेंगे।
शासन की ओर से निगम अधिकारियों को आदेश मिला है कि ओटीएस योजना 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक रहेगी। इसमें गृहकर, जलकर और सीवर कर बकायेदारों को राहत दी जाएगी। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया निगम में पहली बार एकमुश्त समाधान योजना लागू की है। योजना का लाभ वह लोग उठा सकेंगे जो गृहकर जमा नहीं कर रहे थे। उन पर ब्याज लग रहा था।
ओटीएस योजना में ब्याज और सरचार्ज माफ होगा। करदाता को केवल मूल राशि जमा करनी होगी। उन्होंने बताया कि शासन ने योजना का एक अप्रैल 2026 तक के लंबित बकाए पर राहत देने का निर्णय लिया है। ओटीएस में आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित संपत्ति शामिल की हैं। ज्यादातर सरकारी विभाग कर जमा नहीं कर रहे हैं। ऐसे पर उन पर ब्याज बढ़ रहा है। सरकारी विभागों पर निगम का कई करोड़ रुपये बकाया है। उन्होंने बताया योजना लागू होने के 30 दिन के अंदर एक-तिहाई मूल बकाया राशि जमा करनी होगी। शेष राशि दो किस्तों में दो महीने के अंदर जमा करनी होगी। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया शहरी क्षेत्र में करीब तीन लाख ऐसी संपत्ति हैं जिन पर ब्याज है। ब्याज की रकम 220 करोड़ रुपये ब्याज की है। ओटीएस में ब्याज पूरी तरह माफ होगा।
निकायों में भी ओटीएस योजना लागू की जाएगी
ओटीएस योजना नगर पालिका और नगर निकायों में भी लागू होगी। नगर पालिका लोनी, मोदीनगर, मुरादनगर, खोड़ा, नगर पंचायत डासना, पतला, फरीदनगर और निवाड़ी के करदाता भी ओटीएस का लाभ उठा सकेंगे। नगर पालिका और नगर निकायों में भी बहुत से लोगों ने संपत्तिकर जमा नहीं किया है।
केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यालयों को भी राहत
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी ने बताया एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) का लाभ प्रदेश और केंद्र सरकार के कार्यालय भी उठा सकेंगे। उन्होंने बताया बहुत से कार्यालय कई साल से संपत्ति कर जमा नहीं कर रहे हैं। पूर्व में कई विभागों को नोटिस भेजे थे। इसके बाद भी कर जमा नहीं कर रहे थे। ऐसे में उन पर काफी ब्याज हो गया। ओटीएस में सभी का ब्याज माफ हो जाएगा।