गायत्री परिवार जन्मशताब्दी महोत्सव में देश-विदेश से पहुंचे साधक; कई केंद्रीय मंत्री और गणमान्य हस्तियां रहीं मौजूद

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में गायत्री परिवार के जन्मशताब्दी महोत्सव में गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए। कार्यक्रम में 'वसुधैव कुटुंबकम्' का संदेश दिया गया।

नई दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा के जन्मशताब्दी महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। इस आध्यात्मिक और अलौकिक समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। हजारों दीपों की जगमगाहट और दिव्य मंत्रोच्चार के बीच कार्यक्रम में ‘वसुधैव कुटुंबकम् – वन वर्ल्ड, वन फैमिली’ का संदेश चारों तरफ गूंज उठा। युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य और वंदनीया माताजी के आदर्शों को समर्पित इस महोत्सव में राष्ट्र जागरण, सामाजिक समरसता और विश्व कल्याण का सामूहिक संकल्प लिया गया।

🙏 ‘यह केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा को आत्मसात करने का माध्यम है’—अमित शाह

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज का दिन पूरी तरह से श्रद्धा, सेवा और संकल्प को समर्पित है:

  • पूर्णांक का प्रतीक: जिस तरह गणित में 100 का अंक पूर्णांक का प्रतीक माना जाता है, उसी प्रकार यह वर्ष भी भारतीय आध्यात्मिक यात्रा के लिए एक पूर्णांक की भांति है।

  • सकारात्मक ऊर्जा: उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक पारंपरिक धार्मिक एवं आध्यात्मिक अनुष्ठान भर नहीं है, बल्कि मंत्रों में समाहित सकारात्मक ऊर्जा को आत्मसात कर मनुष्य के भीतर मौजूद श्रेष्ठ संभावनाओं को पूरी तरह अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम है। यह साधना मनुष्य की अंतर्निहित चेतना को जागृत कर उसके व्यक्तित्व और कर्मों को सही दिशा देती है।

🌿 ‘पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने 15 करोड़ परिवारों को गायत्री मंत्र से जोड़ा’

केंद्रीय गृह मंत्री ने परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य को भारतीय अध्यात्म का महान चिकित्सक बताते हुए कहा:

  • अध्यात्म का विस्तार: उन्होंने गायत्री मंत्र की शक्ति और महत्ता को जन-जन तक पहुँचाकर विशेष रूप से देश के युवाओं को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का ऐतिहासिक कार्य किया है।

  • मानवता का कल्याण: लगभग 15 करोड़ परिवारों को गायत्री मंत्र से जोड़कर इसे मानवता के कल्याण का माध्यम बनाने का यह अभियान भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की एक अत्यंत दुर्लभ और बड़ी उपलब्धि है। गुरुदेव का यह प्रयास अध्यात्म को सीधे आम जनजीवन से जोड़ने की अनूठी पहल थी।

🇮🇳 ‘जब भारत जागेगा, तभी विश्व जागेगा’—डॉ. चिन्मय पंड्या

जन्मशताब्दी समारोह के दलनायक एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह समय संपूर्ण राष्ट्र के पूर्ण जागरण का है:

  • व्यापक दृष्टि: अपनी संकीर्णताओं से ऊपर उठकर व्यापक दृष्टिकोण के साथ सोचने और समाज के उत्थान के लिए कार्य करने का यही सही अवसर है। “जब भारत जागेगा, तभी संपूर्ण विश्व जागेगा।”

  • त्रि-संकल्प: उन्होंने उपस्थित जनसमूह को व्यक्ति निर्माण, परिवार निर्माण और राष्ट्र निर्माण के पावन संकल्पों को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया। इस दौरान डॉ. चिन्मय पंड्या ने मुख्य अतिथि अमित शाह और अन्य विशिष्ट अतिथियों को गायत्री मंत्र लिखित विशेष चादर, रुद्राक्ष माला, गंगाजली तथा युग साहित्य भेंटकर सम्मानित किया।

🌟 देश-विदेश की कई जानी-मानी हस्तियों ने की शिरकत

इस भव्य और विशाल आयोजन के विभिन्न सत्रों में देश और दुनिया की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई:

  • प्रमुख अतिथि: कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, केंद्रीय मंत्री दुर्गादास उइके और डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने भाग लिया।

  • अंतरराष्ट्रीय एवं आध्यात्मिक जगत: इनके अलावा चर्च ऑफ इंग्लैंड के एंग्लिकन बिशप राइट रेवरेंड लूसा, ब्रिटेन के हाउस ऑफ लॉर्ड्स के सदस्य लॉर्ड रसेल रुक व लॉर्ड क्रिश रावल, इस्कॉन बेंगलुरु के प्रमुख स्वामी मधु पंडित दास, आध्यात्मिक गुरु स्वामी ज्ञानानंद, मेदांता हॉस्पिटल के अध्यक्ष डॉ. नरेश त्रेहान, विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार, बीएपीएस के साधु भद्रेश स्वामी और पद्मश्री सत्यनारायण उनवल सहित देश-विदेश से आए हजारों गायत्री साधक मौजूद रहे। हजारों जगमगाते दीपों की साक्षी में हुए सामूहिक संकल्प ने इस जन्मशताब्दी महोत्सव को वैश्विक भाईचारे और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का ऐतिहासिक अध्याय बना दिया।

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