गोहाना नगर परिषद वाइस चेयरपर्सन के नवजात पोते की मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लगाए लापरवाही के आरोप
गोहाना नगर परिषद वाइस चेयरपर्सन राजबाला मलिक के 4 दिन के पोते की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाया, जिसे डॉक्टर ने खारिज किया।
गोहाना: शहर की नगर परिषद की वाइस चेयरपर्सन राजबाला मलिक और इसी नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन आजाद सिंह मलिक के नवजात पोते की बुधवार तड़के मौत हो गई। 4 दिन पहले जन्मे शिशु का अभी नामकरण भी नहीं हुआ था। शिशु का शौच द्वार नहीं था। परिवार ने डिलीवरी करवाने वाली चिकित्सक पर लापरवाही बरतने और समय पर न बताने का आरोप लगाया तो चिकित्सक ने इससे स्पष्ट इंकार किया।
कमल मलिक और रीना मलिक की पहले से 6 साल की बेटी है। प्रसव पीड़ा होने पर रीना मलिक को 15 अगस्त की सुबह 7 बजे बरोदा रोड पर स्थित अभिषेक मैमोरियल अस्पताल में दाखिल करवाया गया 19.55 बजे नॉर्मल डिलीवरी से रीना मलिक ने बेटे को जन्म दिया।
16 अगस्त की दोपहर बाद 2 बजे रीना मलिक और उसके नवजात बेटे को अस्पताल ने डिस्चार्ज कर दिया। बच्चे को स्तनपान करवाया गया। उसे कृत्रिम दूध भी पिलाया गया लेकिन उसने एक बार भी शीच नहीं किया। बच्चे का शरीर पीला पड़ने पर मंगलवार को उसे डिलीवरी वाले अस्पताल में ही ले जाया गया। वहां चैकअप के बाद बताया गया कि प्राकृतिक रूप से बच्चे का शौच द्वार नहीं था। इस पर शिशु को पहले सोनीपत और फिर दिल्ली ले जाया गया। दिल्ली ले जाते हुए तड़के 1 बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया।
अस्पताल की प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. सलोनी गुप्ता का कहना है कि जन्म के बाद बच्चा 48 घंटे तक प्रथम बार शौच कर सकता है। उन्होंने जैसे ही बच्चे को देखा तो परिवार को बता दिया कि उसका शौच द्वार नहीं उसे ऐसे विशेषज्ञ चिकित्सक पास ले जाएं जो सर्जरी से शौच है, के द्वार बना दे।