ग्रेटर नोएडा एक्सपो सेंटर में ऐतिहासिक आयोजन, युवाओं के लिए खुले रोजगार के द्वार
ग्रेटर नोएडा में आयोजित उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (UPITS 2026) सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मेले में 6,500 करोड़ रुपये के एमओयू और हजारों बी2बी बैठकें हुईं।
ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में पांच दिनों तक चला उत्तर प्रदेश अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला (यूपीआईटीएस) अब सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। मुख्यमंत्री योगी सरकार के नेतृत्व में आयोजित इस भव्य मेले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब आर्थिक धरातल पर एक मजबूत और निर्णायक पड़ाव पर पहुंच चुका है। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (IIA) के परिप्रेक्ष्य से देखें तो इस आयोजन ने वैश्विक बाजार में एक बड़ी छलांग लगाई है, जहां उद्यमी, खरीदार और निवेशक बड़े पैमाने पर शामिल हुए।
📈 6,500 करोड़ रुपये के 4,400 से अधिक समझौते और B2B बैठकों में 31% की रिकॉर्ड वृद्धि
इस वर्ष 25 से 29 सितंबर 2026 तक चले इस मेले में लगभग 4,400 समझौता ज्ञापन (MoU) साइन हुए, जिनका कुल मूल्य करीब 680 मिलियन डॉलर यानी 6,500 करोड़ रुपये आंका गया है। इसके अलावा, कारोबारी पूछताछ के आधार पर लगभग 15,500 करोड़ रुपये के संभावित व्यापार का अनुमान है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के अनुसार, इस बार 41,500 B2B बैठकें हुईं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 31% अधिक हैं। यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि वैश्विक स्तर पर उत्तर प्रदेश को लेकर जिज्ञासा और भरोसा तेजी से बढ़ रहा है।
🏺 ODOP और रिवर्स बायर-सेलर मीट की सफलता: गांवों और कस्बों के छोटे कारीगरों की सीधी अंतरराष्ट्रीय पहुंच
इस सफलता की जड़ें राज्य सरकार की ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOP) और ‘एक जिला, एक उत्पाद’ (ODOC) जैसी अनूठी पहलों में निहित हैं। भदोही की कालीन, मुरादाबाद का पीतल और लखनऊ की चिकनकारी जैसी पारंपरिक कलाओं को इस मंच ने सीधा वैश्विक खरीदार तक पहुंचाया है। मेले में आयोजित ‘रिवर्स बायर-सेलर मीट’ के जरिए छोटे और स्थानीय उद्यमियों ने अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने अपने हुनर का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही कौशल विकास मिशन और युवाओं की भागीदारी ने यह दिखा दिया है कि उत्तर प्रदेश पलायन के दौर को पीछे छोड़कर अब नए आत्मविश्वास और विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है।