जादवपुर यूनिवर्सिटी पर भिड़े मोदी-ममता: पीएम ने घेरा, सीएम का पलटवार
बंगाल चुनाव के बीच जादवपुर यूनिवर्सिटी पर रार! पीएम मोदी ने लगाए देश विरोधी नारों के आरोप, ममता बनर्जी ने 'बुलडोजर संस्कृति' को बताया असली अराजकता। जानें पूरा मामला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जादवपुर यूनिवर्सिटी की हालत के लिए पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की. उन्होंने कहा कि कैंपस की दीवारों पर देश-विरोधी नारे लिखे जा रहे हैं और आरोप लगाया कि कैंपस के अंदर लगातार धमकियां दी जा रही हैं. उन्होंने जादवपुर में एक चुनावी रैली के दौरान ये बातें कहीं. उन्होंने सरकार पर राज्य के सबसे बड़े एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन को बचाने में नाकाम रहने का आरोप लगाया. वहीं, पीएम मोदी के भाषण के बाद ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि अराजकता का मतलब यह नहीं है कि छात्र अपनी आवाज उठाएं. इस तरह से दूसरे चरण के मतदान से पहले बंगाल में जादवपुर यूनिवर्सिटी को लेकर तकरार मच गई है.
पीएम मोदी बीजेपी की उम्मीदवार सरबरी मुखर्जी के लिए कैंपेन कर रहे थे, जो टीएमसी के मौजूदा विधायक देबब्रत मजूमदार के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं.
उन्होंने कहा, जादवपुर यूनिवर्सिटी का नाम कभी दुनिया भर में सम्मान से लिया जाता था. यह कैंपस राष्ट्रवाद की नींव पर बना था, लेकिन आज यहां की हालत देखिए: कैंपस के अंदर धमकियां दी जा रही हैं, दीवारों पर देश-विरोधी नारे लिखे जा रहे हैं, और स्टूडेंट्स को अपनी पढ़ाई पर ध्यान देने के बजाय सड़कों पर विरोध प्रदर्शन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है.
जादवपुर को लेकर पीएम मोदी का टीएमसी पर हमला
उन्होंने एकेडमिक माहौल की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, हम यहां एकेडमिक माहौल चाहते हैं, अफरा-तफरी नहीं. हम यहां बातचीत चाहते हैं, धमकियां नहीं. जो सरकार अपने ही राज्य के सबसे बड़े एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन को नहीं बचा सकती, वह बंगाल का भविष्य कैसे बचाएगी, बंगाल के युवाओं का भविष्य कैसे बचाएगी?
पीएम मोदी ने ममता बनर्जी पर राज्य में गैर-कानूनी इमिग्रेंट्स को बसाकर बंगाल की पहचान खत्म करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, पिछले 15 सालों में टीएमसी सरकार ने बंगाल की पहचान खत्म कर दी है. बंगाल में घुसपैठियों को लाकर बसाया जा रहा है. यहां वे बंगाल की जमीनों पर कब्ज़ा कर रहे हैं और लोकल लोगों की रोजी-रोटी छीन रहे हैं. एक तरफ टीएमसी का भ्रष्टाचार है; दूसरी तरफ घुसपैठियों का जुल्म है. बंगाल के युवा रोजी-रोटी की तलाश में अपना घर छोड़ने को मजबूर हैं. इस प्रॉब्लम का सॉल्यूशन तब आएगा जब टीएमसी पूरी तरह से हार जाएगी, और बीजेपी पूरी ताकत से सत्ता में आएगी.
पीएम के आरोप पर ममता का पलटवार
पीएम के जादवपुर पर आरोप के बाद सीएम ममता बनर्जी ने हमला बोलते हुए कहा कि यह पूछते हुए दुख हो रहा है: क्या आप मशहूर जादवपुर यूनिवर्सिटी के काबिल स्टूडेंट्स के बारे में ऐसे बताते हैं? जादवपुर यूनिवर्सिटी को आपकी सरकार के NIRF रैंकिंग फ्रेमवर्क से हर साल टॉप रैंक मिल रही है, और आप उस बेहतरीन सेंटर की बेइज्जती करने पर उतर आए हैं? आप इतने नीचे गिर गए हैं?
ममता बनर्जी ने कहा कि जादवपुर यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने अपनी काबिलियत से अपनी जगह बनाई है और डिग्री, समझ और सवाल करने की काबिलियत लेकर निकले हैं. यह अराजकता नहीं है. यह शिक्षा है और यह बेहतरीन है. अराजकता यह नहीं है कि स्टूडेंट्स अपनी आवाज उठाएं.
इंसाफ के खिलाफ आवाज उठाना आराजकता नहीं: ममता
उन्होंने कहा कि अराजकता यह है कि इंसाफ के बजाय बुलडोजर को ताकत के हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जाए. अराजकता तब होती है जब किसान मरते हैं और उनकी आवाज दबाई जाती है. अराजकता तब होती है जब रेप और दूसरे जघन्य अपराधों के दोषी राजनीतिक सुविधा के लिए आजाद घूमते हैं. अराजकता यह है कि गरीबों को उनका हक नहीं दिया जाता. अराजकता यह है कि वोटों के लिए देश को धार्मिक आधार पर बांटा जाता है.
उन्होंने कहा कि अराजकता का मतलब है प्रेस का सामना करने से मना करना, जवाबदेही से मना करना, सवाल पूछने से मना करना. उन्होंने कहा कि अराजकता का मतलब है यह मानने से मना करना कि मणिपुर जल रहा है लेकिन आप चुनाव में बिजी हैं. स्टूडेंट्स का प्रोटेस्ट करना डेमोक्रेसी का टूटना नहीं है – यह डेमोक्रेसी का चलना है
उन्होंने कहा कि प्लीज उस एजुकेशनल इंस्टिट्यूशन को बदनाम न करें जो हमारे शुरुआती नेशनलिस्ट्स से इंस्पायर हुआ था, जिसमें श्री अरबिंदो भी एक पायनियर थे. प्लीज बंगाल को बदनाम न करें.