जींद के उदय भानु ने NEET-UG 2026 में किया टॉप, हासिल की AIR 363

जींद जिले के सिंधवी खेड़ा के छात्र उदय भानु प्रताप ने NEET-UG 2026 में पहले ही प्रयास में AIR 363 प्राप्त कर जिला टॉप किया। जानिए उनकी सफलता की कहानी।

जींद : जींद जिले के प्रतिभाशाली छात्र उदय भानु प्रताप ने NEET-UG 2026 में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 363 हासिल कर जींद जिले में टॉप किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव सिंधवी खेड़ा और जिले में खुशी का माहौल है।

उदय भानु प्रताप शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उन्होंने इंडस पब्लिक स्कूल, जींद से 10वीं कक्षा में 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान हासिल किया था। इसके बाद 12वीं कक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। वहीं JEE Main में 99.2 परसेंटाइल हासिल कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

अपने बड़े भाई सूरज प्रताप सिंह, जो वर्तमान में PGIMS रोहतक में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे हैं, से प्रेरणा लेकर उदय ने डॉक्टर बनने का लक्ष्य तय किया। कड़ी मेहनत, अनुशासन और माता-पिता व गुरुजनों के मार्गदर्शन से उन्होंने यह सफलता हासिल की। भविष्य में वह न्यूरोसर्जन बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं।

चौधरी रणबीर सिंह यूनिवर्सिटी (CRSU) के कुलपति डॉ. रामपाल सैनी ने उदय भानु प्रताप को उनकी इस उपलब्धि पर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

इस दौरान उदय भानु प्रताप ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर कहा कि पेपर लीक की घटनाएं सरकार की बड़ी कमी हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों पर लाठीचार्ज लोकतंत्र के लिए उचित नहीं है और परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।

उदय की माता अनीता रानी, जो सरकारी स्कूल में लेक्चरर हैं, ने कहा, “मेरा सपना डॉक्टर बनने का था, लेकिन गांव के स्कूल में पर्याप्त सुविधाएं न होने के कारण मैं अपना सपना पूरा नहीं कर पाई। आज मेरा एक बेटा रोहतक में डॉक्टर की पढ़ाई कर रहा है और उदय भानु प्रताप ने NEET में सफलता हासिल की है। मेरा मानना है कि असली डॉक्टर वही होता है जो जनता की सेवा करे।”

उदय का परिवार शिक्षा से जुड़ा हुआ है। उनके दादा धर्मपाल कटारिया, जो हरियाणा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव रह चुके हैं, ने 74 वर्ष की आयु में CRSU जींद से एलएलबी की परीक्षा 82 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की। उनके पिता रविंद्र कटारिया एक सफल व्यवसायी हैं, दादी सुशीला देवी सेवानिवृत्त अध्यापिका हैं, जबकि माता अनीता रानी सरकारी स्कूल में लेक्चरर हैं। उदय भानु प्रताप की इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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