जींद के रामराये में सर्वजातीय महिला खाप पंचायत, लिव-इन और गन कल्चर पर कड़ा फैसला

जींद के रामराये में सर्वजातीय महिला खाप पंचायत का आयोजन। लिव-इन रिलेशन, दहेज और गन कल्चर के खिलाफ पारित हुए कड़े प्रस्ताव।

जींद: जिले के गांव रामराये के नौगामा चबूतरे पर रविवार को सर्वजातीय महिला खाप पंचायत का आयोजन किया गया. पंचायत में विभिन्न जिलों से पहुंची महिला खाप प्रधानों और नौगामा खाप के पदाधिकारियों ने सामाजिक बुराइयों पर खुलकर चर्चा की. महिलाओं ने सामाजिक ताने-बाने, भाईचारे और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया.

सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान: पंचायत में लिव-इन रिलेशन, लव मैरिज, टूटते परिवार, दहेज, गन कल्चर, सामाजिक रीति-रिवाजों में बदलाव और कमजोर होते भाईचारे जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए. इन विषयों पर चर्चा के बाद करीब आधा दर्जन प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए. पंचायत ने इन प्रस्तावों को धरातल पर लागू करने के लिए भी प्रयास करने का निर्णय लिया.

“सामाजिक मूल्यों की पालना जरूरी”: सर्वजातीय महिला खाप की अध्यक्ष डॉ संतोष दहिया ने पंचायत की अध्यक्षता की. इस दौरान उन्होंने कहा कि, “महिला खाप पंचायतों के आयोजन का उद्देश्य समाज को स्वच्छ बनाना है. समय के साथ समाज में कई बुराइयां आई हैं और सामाजिक मूल्य, रीति-रिवाज तथा संस्कार पीछे चले गए हैं. इन्हें बचाना बेहद जरूरी है. बेटियों को पढ़ाना-लिखाना जरूरी है, लेकिन इसके साथ उन्हें सामाजिक मूल्यों और संस्कारों की जानकारी भी दी जानी चाहिए. गौत्र, गांव और खेड़ा-गुहांड में शादी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि वहां रहने वाले परिवार एक-दूसरे के भाईचारे में आते हैं. लव मैरिज हो सकती है, लेकिन इसमें परिवार की सहमति भी होनी चाहिए.”

लिव-इन कानून में बदलाव की मांग: पंचायत में लिव-इन रिलेशन को लेकर भी संतोष दहिया ने चिंता जताते हुए कहा कि, “लिव-इन रिलेशन कानून में बदलाव होना चाहिए. इससे कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं और सामाजिक ताना-बाना कमजोर हो रहा है. इस संबंध में कानून मंत्री, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भी लिखा गया है. मौका मिलने पर हम संबंधित लोगों के सामने सामाजिक मूल्यों और परिवार व्यवस्था से जुड़े अपने पक्ष को रखेंगी.”

दहेज और गन कल्चर पर सख्ती की बात: महिला खाप पंचायत ने दहेज और गन कल्चर को भी गंभीर सामाजिक बुराई बताया. संतोष दहिया ने कहा कि, “दहेज बड़ी सामाजिक बुराई है और इसे रोकने के लिए समाज को खुद आगे आना होगा. गंद और गन कल्चर पर भी कड़े कदम उठाने होंगे. नौगामा खाप के 21 गांवों में आपसी भाईचारे और सामाजिक नियमों को मजबूत करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा.”

बच्चों के मोबाइल पर नजर रखने की अपील: पंचायत में परिवारों से बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान देने की अपील भी की गई. इस बारे में संतोष दहिया ने कहा कि, “परिवार वालों को बच्चों के मोबाइल पर ध्यान रखना होगा. समाज में फैल रही बुराइयों को रोकने के लिए माता-पिता और समाज दोनों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी.”

21 सदस्यीय कमेटी करेगी जागरूक: पंचायत के फैसलों को अमलीजामा पहनाने के लिए 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया. इसमें युवाओं को भी जिम्मेदारी दी गई है. कमेटी ग्रामीणों को सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक करेगी. संतोष दहिया ने कहा कि, “जो व्यक्ति दहेज लेगा, उसकी चबूतरे पर क्लास लगेगी. पहले सामाजिक नियम ही समाज को दिशा देते थे और अब भी सामाजिक भागीदारी से स्वच्छ वातावरण बनाया जा सकता है. हर खाप चबूतरे पर महिला खाप पंचायतों का आयोजन किया जाएगा और लोगों को अपने रीति-रिवाजों तथा सामाजिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए जागरूक किया जाएगा.”

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