दीपेंद्र हुड्डा ने सोनीपत में सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को दिया समर्थन, सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सोनीपत में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का समर्थन किया। हरियाणा सरकार और कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल।
सोनीपत: कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा सोनीपत में सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को समर्थन दिया. इस दौरान उन्होंने हरियाणा सरकार पर सफाई कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी करने और कर्मचारियों की आवाज दबाने का आरोप लगाया. हुड्डा ने कहा कि “जिस नीति को सुप्रीम कोर्ट ने सही माना है, सरकार उसे भी लागू नहीं कर रही. अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाने वाले सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई करना उन्हें डराने की कोशिश है.”
‘समाधान की जगह सफाई कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रही सरकार’: दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि सरकार की नीयत सफाई कर्मचारियों के मामले में साफ नहीं है. कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र में अपनी मांग रखना कर्मचारियों का अधिकार है, लेकिन हरियाणा में आवाज उठाने की सजा दी जा रही है.
कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पर निशाना: धरने को संबोधित करते हुए हुड्डा ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि हरियाणा में अपराध लगातार बढ़ रहा है और सरकार इस पर लगाम लगाने में नाकाम रही है. उनके मुताबिक, सरकार खुद यह मान चुकी है कि विदेशों से 50 से ज्यादा गैंग फिरौती के लिए कॉल कर रहे हैं. उन्होंने अपराध बढ़ने के पीछे बेरोजगारी को भी एक बड़ी वजह बताया.
‘जब हरियाणा में अफसर नहीं मानते, तो पंजाब में गैंगस्टरों का सफाया कैसे करेंगे’: दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा और पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब हरियाणा में अधिकारी सरकार की बात नहीं मान रहे हैं, तो पंजाब में गैंगस्टरों के सफाए की बात कैसे की जा सकती है. उन्होंने हरियाणा सरकार के कामकाज में दिल्ली के कथित हस्तक्षेप को लेकर भी निशाना साधा.
दिल्ली में है हरियाणा सरकार का रिमोट: दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि हरियाणा सरकार का रिमोट चंडीगढ़ में नहीं, बल्कि दिल्ली में है. उनके मुताबिक, दिल्ली में बैठे केंद्रीय मंत्री हरियाणा सरकार को चला रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों के हाथ में हरियाणा की बागडोर है, वे प्रदेश की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय दूसरे राज्यों में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं. उन्होंने कहा कि पंजाब चुनाव के बाद इन नेताओं के सिर पर हिमाचल की टोपी दिखाई देगी.