बरेली में कैनविज इंडस्ट्रीज लिमिटेड में निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी के आरोपी कंपनी मालिक कन्हैया गुलाटी को लेकर वायरल हुए Zoom मीटिंग के वीडियो ने मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है. पुलिस के मुताबिक, कन्हैया लंबे समय से फरार है और उसकी गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है. उसके खिलाफ बरेली समेत कई जिलों और दूसरे राज्यों में कुल 98 मुकदमे दर्ज हैं. वायरल वीडियो की जांच के बाद पुलिस ने इसमें नजर आ रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
बरेली के SSP अनुराग आर्य के अनुसार, कन्हैया गुलाटी बारादरी थाना क्षेत्र का रहने वाला है. उस पर अपनी कंपनी में निवेश कराने का झांसा देकर लोगों से रकम लेने और धोखाधड़ी करने के आरोप हैं. नवंबर 2023 से अब तक बरेली में उसके खिलाफ 93 FIR दर्ज हो चुकी हैं. इसके अलावा बदायूं में तीन, अंबेडकरनगर और बस्ती में एक-एक मुकदमा दर्ज है. पुलिस के मुताबिक बिहार और झारखंड में भी उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं. इस तरह कुल 98 मुकदमों की जानकारी सामने आई है.
पुलिस ने कन्हैया को बरेली का हिस्ट्रीशीटर भी बताया है. उसकी हिस्ट्रीशीट संख्या 18B है. गिरफ्तारी के लिए SSP स्तर से 21 जून को 25 हजार रुपये और DIG बरेली रेंज की ओर से 8 जुलाई को 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की गई थी. इसके अलावा उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में दर्ज मामलों में कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट भी हासिल किए जा चुके हैं.
13 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक Zoom मीटिंग का वीडियो वायरल हुआ. पुलिस ने जांच की तो वीडियो का संबंध कन्हैया गुलाटी से जुड़े पुराने धोखाधड़ी के मामलों से मिला. पुलिस के मुताबिक, वीडियो में करीब 49 लोग नजर आ रहे हैं. इसमें कन्हैया गुलाटी से payout और funds को लेकर बातचीत होती दिखाई देती है.
वीडियो में विनय श्रीवास्तव की ओर से दावा किया गया कि कन्हैया बरेली न आए और उसकी DIG अजय सहानी से करीब 15 मिनट बातचीत हुई है. वहीं कन्हैया की ओर से फोन पर बात नहीं करने और केवल मैसेज के जरिए संपर्क करने की बात कही गई. वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे.
जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो में दिखाई दे रहे विशाल शर्मा और विनय श्रीवास्तव की पहचान की. विशाल इज्जतनगर क्षेत्र का रहने वाला है, जबकि विनय गोरखपुर की कौवाबाग रेलवे कॉलोनी का निवासी है. पुलिस के अनुसार दोनों कई मामलों में वांछित थे.
पुलिस का दावा है कि विशाल ने करीब 80 लाख रुपये और विनय ने करीब 60 लाख रुपये अन्य लोगों से कन्हैया की कंपनी में निवेश कराए थे. दोनों को कन्हैया के करीबी 44 लोगों के कोर ग्रुप का हिस्सा भी बताया गया है.
वायरल वीडियो की जांच के बाद बरेली रेंज की साइबर टीम और सर्विलांस सेल ने दोनों आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की. इसके बाद सोमवार शाम दोनों को फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के रायपुर अंडरपास से गिरफ्तार कर लिया गया.
पूछताछ में दोनों ने पुलिस को बताया कि वायरल वीडियो कई महीने पुराना है. उनके मुताबिक, वीडियो कन्हैया से अपना पैसा वापस लेने के लिए दबाव और प्रभाव बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था. दोनों ने यह भी दावा किया कि वीडियो उनके किसी साथी ने सोशल मीडिया पर वायरल किया.
SSP अनुराग आर्य के मुताबिक, दोनों से मामले से जुड़ी अन्य जानकारियों को लेकर पूछताछ जारी है. पूछताछ पूरी होने के बाद दोनों को रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया जाएगा.
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