नोएडा के फ्लैट में फंदे से लटके मिले पूर्व मुख्य सचिव राकेश मेहता, बीमारी और तनाव का जिक्र
दिल्ली के पूर्व मुख्य सचिव और रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश मेहता नोएडा के फ्लैट में मृत मिले। सुसाइड नोट में बीमारी का जिक्र।
पूर्व आईएएस अधिकारी और दिल्ली सरकार में पूर्व मुख्य सचिव रहे राकेश मेहता की मौत के मामले में उनकी जिंदगी की आखिरी दिनों की तस्वीर अब सामने आ रही है. राकेश मेहता पिछले करीब पांच वर्षों से नोएडा में रह रहे थे. वह थाना फेस-2 क्षेत्र स्थित सेक्टर 93 के केंद्रीय विहार-2 सोसाइटी में किराए के फ्लैट में रहते थे. स्थानीय लोगों के मुताबिक उन्हें ज्यादातर अकेला रहना पसंद था. आसपास के लोगों से वह ज्यादा बातचीत नहीं करते थे और पड़ोसियों से भी उनका संपर्क बेहद सीमित था.
उनकी पत्नी सुमंती मेहता भी रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं. वह फिलहाल अपने बेटे के साथ देहरादून के वसंत विहार इलाके में रहती हैं. हालांकि वह कभी-कभार नोएडा आती-जाती रहती थीं. दोनों के अलग-अलग रहने के बावजूद परिवार के बीच संपर्क बना हुआ था.
शनिवार रात पत्नी से हुई थी लंबी बातचीत
घटना से एक रात पहले शनिवार को राकेश मेहता की अपनी पत्नी से फोन पर लगातार बातचीत हुई थी. बताया गया कि दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई. इसके बाद अगले दिन सुबह उनकी पत्नी ने दोबारा राकेश मेहता को फोन किया, लेकिन इस बार फोन रिसीव नहीं हुआ. काफी देर तक फोन नहीं उठने पर उनकी पत्नी को चिंता हुई. उन्होंने केंद्रीय विहार-2 सोसायटी के सिक्योरिटी गार्ड को फोन कर राकेश मेहता के बारे में जानकारी लेने के लिए कहा.
गार्ड मौके पर पहुंचा तो फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला. काफी कोशिश के बाद जब दरवाजा नहीं खुला तो दूसरी चाबी मंगवाई गई. दूसरी चाबी से फ्लैट का लॉक खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर सिक्योरिटी गार्ड के होश उड़ गए. राकेश मेहता फंदे से लटके हुए मिले. तत्काल पुलिस को सूचना दी गई. सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.
पोस्टमार्टम के बाद दिल्ली में हुआ अंतिम संस्कार
पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया. इसके बाद दिल्ली में राकेश मेहता का अंतिम संस्कार किया गया. घटना के बाद परिवार के सदस्य नोएडा पहुंचे और मामले की जानकारी पुलिस से ली. अगले दिन परिवार के सदस्य थाने भी पहुंचे. पुलिस के सामने परिजनों ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की बात कही, जिसके बाद पुलिस ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कीं और परिवार वापस देहरादून लौट गया.
राकेश मेहता की मौत ने उनके प्रशासनिक जीवन के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी को लेकर भी कई सवाल खड़े किए हैं. हालांकि सुसाइड नोट में बीमारी और मानसिक तनाव से जुड़े पहलुओं की चर्चा सामने आ रही है. उन्हें कई तरह की बीमारियां थीं. वह डायबिटीज, हाई बीपी, और हाइपरटेंशन की बीमारी से ग्रस्त थे, जिसका जिक्र उन्होंने सुसाइड नोट में भी किया. उन्होंने सुसाइड नोट में यह भी लिखा कि वह अपनी मौत के खुद जिम्मेदार हैं और परिवार के किसी भी व्यक्ति को परेशान न किया जाए. फिलहाल इस मामले में परिवार की ओर से किसी तरह की कार्रवाई की मांग नहीं की गई है.