नोएडा में बनेगा 6 किमी लंबा एलिवेटेड रोड, 30 मिनट का सफर 10 मिनट में
नोएडा को ट्रैफिक जाम से मिलेगी मुक्ति! रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर 60 तक 700 करोड़ की लागत से बनेगा 6 लेन एलिवेटेड रोड। पढ़ें पूरी डिटेल।
नोएडा में लगातार बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत देने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर 60 स्थित यूप्लेक्स तक करीब 6 किलोमीटर लंबा 6 लेन एलिवेटेड रोड बनाने का फैसला किया है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. परियोजना पूरी होने के बाद सेक्टर 95, डीएनडी मार्ग, सेक्टर 57, सेक्टर 60 और औद्योगिक क्षेत्र के बीच सफर तेज और आसान होने की उम्मीद है.
नोएडा प्राधिकरण ने इस परियोजना के लिए आईआईटी रुड़की को कंसल्टेंट नियुक्त किया है. आईआईटी रुड़की पहले रोड की फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करेगा और उसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाएगा. इसके लिए प्राधिकरण करीब 3.5 करोड़ रुपये आईआईटी रुड़की को देगा. बताया जा रहा है कि पहली बार नोएडा प्राधिकरण की किसी निर्माण परियोजना में आईआईटी रुड़की को कंसल्टेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
10 मिनट में पूरा होगा आधे घंटे का सफर
मौजूदा समय में औद्योगिक सेक्टर फेज-1 और फेज-3 के बीच आने-जाने वाले लोगों को रजनीगंधा सेक्टर 10/21 चौराहा, चौड़ा मोड़, सेक्टर 12 तिराहा और सेक्टर 57 तक पांच प्रमुख रेड लाइटों से होकर गुजरना पड़ता है. इससे रोजाना लंबा ट्रैफिक जाम लगता है और यात्रियों को करीब 30 मिनट तक का समय लग जाता है.
एलिवेटेड रोड बनने के बाद वाहन चालक बिना रुके करीब 10 मिनट में यह दूरी तय कर सकेंगे. इससे डीएनडी और दक्षिणी दिल्ली की ओर आने-जाने वाले लाखों वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है.
शहर के लाखों लोगों को होगा फायदा
नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्ण करुणेश ने बताया कि रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर 60 स्थित यूप्लेक्स तक 6 किलोमीटर लंबे 6 लेन एलिवेटेड रोड के एलाइनमेंट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी गई है. अब आईआईटी रुड़की फीजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर प्राधिकरण को सौंपेगा, जिसके बाद DPR बनाकर निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.
इन सेक्टरों को होगा सीधा फायदा
उन्होंने कहा कि एलिवेटेड रोड बनने के बाद नोएडा सेक्टर 95 स्थित राष्ट्रीय दलित प्रेरणास्थल, डीएनडी मार्ग, सेक्टर 57, सेक्टर 60 और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच सफर तेज और आसान होगा. साथ ही ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा और आसपास की सोसाइटी में रहने वाले लोगों को रोजाना लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी.
नोएडा प्राधिकरण का मानना है कि यह परियोजना शहर की यातायात व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी और आने वाले वर्षों में नोएडा की कनेक्टिविटी को नई गति देगी.