प्रदेश में मानसून मेहरबान! गुरुग्राम में सबसे ज्यादा 78.5mm बारिश, जानें अपने जिले का हाल

हरियाणा के 14 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी। गुरुग्राम में जलभराव के चलते WFH की अपील और यमुनानगर में नदी का तटबंध टूटने से खेत जलमग्न।

चंडीगढ़: हरियाणा में गुरुवार को भी मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है. मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र ने सुबह अलर्ट जारी करते हुए प्रदेश के 14 जिलों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की संभावना जताई है. फतेहाबाद, हिसार, हांसी, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, नूंह, फरीदाबाद और पलवल में मौसम खराब रहने का अनुमान है. सुबह हिसार, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रेवाड़ी में बारिश दर्ज की गई.

हिसार और गुरुग्राम में जलभराव: वहीं, लगातार बारिश के कारण हिसार और गुरुग्राम के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई. सड़कों पर पानी भरने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा. हालात को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने कॉर्पोरेट कंपनियों और निजी संस्थानों से अधिक से अधिक कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ की सुविधा देने की अपील की है, ताकि ट्रैफिक दबाव कम रहे और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके.

यमुनानगर में तटबंध टूटा: पिछले 24 घंटों की बारिश का सबसे ज्यादा असर यमुनानगर में देखने को मिला. रायपुर गांव के पास पथराला नदी का तटबंध टूटने से नदी का पानी आसपास के खेतों में फैल गया. तरुवाला, रायपुर, बलौली, याकूबपुर और ऊर्जनी सहित कई गांवों की सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई. अधिकारियों के अनुसार नदी में करीब 5,700 क्यूसेक पानी बह रहा है, जबकि 5,000 क्यूसेक पर ही बाढ़ जैसी स्थिति मानी जाती है.

हथिनीकुंड बैराज से छोड़ा गया 63 हजार क्यूसेक पानी: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कैचमेंट क्षेत्रों में भारी बारिश के बाद यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज पर जलस्तर तेजी से बढ़ गया. जल प्रवाह बढ़ने के बाद बैराज के 18 में से 15 गेट खोलकर 63,110 क्यूसेक पानी दिल्ली की ओर छोड़ा गया. प्रशासन के अनुसार यह पानी गुरुवार को दिल्ली पहुंचने की संभावना है. जलस्तर बढ़ने के कारण निचले इलाकों पर भी नजर रखी जा रही है.

गुरुग्राम में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज: प्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक 78.5 मिलीमीटर बारिश गुरुग्राम में रिकॉर्ड की गई. लगातार हो रही बारिश से कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या बनी रही. मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ घंटों तक कई जिलों में तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.

तापमान में उतार-चढ़ाव जारी: मौसम केंद्र चंडीगढ़ के अनुसार प्रदेश के औसतन अधिकतम तापमान में 3.5 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, हालांकि यह सामान्य स्तर के आसपास बना हुआ है. सबसे अधिक अधिकतम तापमान हिसार में 36.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. वहीं, महेंद्रगढ़ में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 5.3 डिग्री कम है. न्यूनतम तापमान नारनौल और भिवानी में 24.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि रोहतक में सबसे अधिक 27.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ. मौसम विभाग का अनुमान है कि आगामी दिनों में बारिश के चलते रात के तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है.

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