प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया पहले ‘हुनर उत्सव’ का उद्घाटन, स्कूली बच्चों की कला ने मोहा मन

चंडीगढ़ की सुखना झील पर पहले 'हुनर उत्सव' का शुभारंभ हुआ है। प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने उद्घाटन किया, जहां स्कूली बच्चों ने अपनी कला और उत्पादों के स्टॉल लगाए हैं।

चंडीगढ़ की प्रसिद्ध सुखना झील पर मंगलवार को शहर के पहले ‘हुनर उत्सव’ की रंगारंग शुरुआत हुई। स्कूल शिक्षा विभाग की इस अनूठी पहल का उद्घाटन चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने किया। इस दो दिवसीय उत्सव में स्कूली बच्चों ने अपनी अद्भुत रचनात्मकता और हुनर से आगंतुकों का मन मोह लिया। उद्घाटन के बाद प्रशासक कटारिया ने विभिन्न स्टॉलों का दौरा किया और विद्यार्थियों से उनके द्वारा बनाए गए उत्पादों की जानकारी ली। इस अवसर पर चंडीगढ़ के मुख्य सचिव एच. राजेश प्रसाद, शिक्षा सचिव प्रेरणा पुरी और निदेशक स्कूल शिक्षा नितिश सिंगला भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इस मंच के माध्यम से बच्चों को अपनी कला प्रदर्शित करने और लोगों से सीधे संवाद करने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है।

🛍️ विविध स्टॉल और हुनर को रोजगार से जोड़ने की पहल: ‘हम किसी से कम नहीं’ और ‘स्वाद वाटिका’ बने आकर्षण का केंद्र

इस उत्सव में बच्चों के अलग-अलग कौशलों को दर्शाने के लिए विशेष स्टॉल बनाए गए हैं। ‘सुई धागा’ में फैशन और कपड़े की वस्तुएं, ‘सज्जावट’ में दीये और मोमबत्तियां, ‘मेहंदी घर’ में आकर्षक डिजाइन, ‘रूप निखार’ में वेलनेस उत्पाद और ‘इंक एंड ग्लैम’ में नेल आर्ट व टैटू कला प्रदर्शित की गई है। इसके अलावा खाने के शौकीनों के लिए ‘स्वाद वाटिका’ और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए ‘हम किसी से कम नहीं’ नाम से लगाया गया स्टॉल मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य केवल बच्चों की प्रतिभा को मंच देना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव कराना और भविष्य में उनके कौशल को रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।

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