फरीदपुर की सस्पेंड सरपंच अनुप्रीत को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, नाले का रूट बदलने के मामले में हुई बहाल
पानीपत के फरीदपुर की सस्पेंड सरपंच अनुप्रीत को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने बहाल कर दिया है। उन पर नाले का रूट बदलने का आरोप था।
हरियाणा के पानीपत जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ फरीदपुर गांव की पंचायती जमीन में नाले का रूट बदलने के आरोपों के चलते सस्पेंड की गई महिला सरपंच अनुप्रीत को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बहाल कर दिया है। तत्कालीन डीसी (उपायुक्त) द्वारा सरपंच को इस आरोप में सस्पेंड किया गया था कि उन्होंने गांव की पंचायती जमीन में पानी के नाले के रूट को गलत तरीके से बदलवाया है। यह शिकायत गांव के ही सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों द्वारा दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की गई थी।
📊 सरपंच पक्ष का तर्क: नाले का रूट बदलने से पंचायत की जमीन कम नहीं बल्कि सात मरला बढ़ी
मामले की सुनवाई के दौरान सरपंच पक्ष की ओर से दलील दी गई कि नाले के रूट में बदलाव करने से पंचायत की जमीन कम होने के बजाय उल्टे बढ़ गई है। पुराना रूट जहाँ 2 कनाल 6 मरला में था, वहीं नया रूट बनने के बाद पंचायत को कुल 2 कनाल 13 मरला जमीन प्राप्त हुई है। सरपंच पक्ष ने स्पष्ट किया कि रूट का यह तबादला पूरी तरह से नहर विभाग (कैनाल) के अधिकारियों द्वारा किया गया था तथा पटवारी और तहसीलदार ने इसका बाकायदा इंतकाल भी दर्ज किया था। सरपंच से केवल औपचारिक स्वीकृति मांगी गई थी, जबकि बाकी तकनीकी काम सरकारी अधिकारियों का था।
🏛️ कमिश्नर स्तर पर जांच न होने पर पहुंचा हाईकोर्ट: अदालत के हस्तक्षेप से मिला न्याय
जिला स्तर पर कमिश्नर द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के बावजूद जब लंबे समय तक कोई ठोस जांच नहीं हुई, तो सरपंच पक्ष ने न्याय के लिए पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता और दस्तावेजों की जांच के बाद सरपंच के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनका निलंबन रद्द कर दिया है। इस फैसले के बाद से सरपंच समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई है और प्रशासनिक हलकों में भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है।