फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड: 12 जून को खत्म हो सकता है टोल, विधायक ने की बंद करने की मांग
फरीदाबाद-गुरुग्राम के बीच बंधवाड़ी, पाली और पाखल टोल प्लाजा की अवधि 31 मई को खत्म। 12 जून तक मिला विस्तार, अब विधायक और जनता ने की टोल फ्री करने की मांग।
फरीदाबाद: फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच स्थित बंधवाड़ी, नन्हेरा, पाली और पाखल टोल प्लाजा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं. करीब 17 वर्षों से संचालित इन टोल प्लाजा की निर्धारित अवधि अब पूरी होने जा रही है. ऐसे में आम लोगों से लेकर जनप्रतिनिधियों तक की नजर सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है. सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अब लोगों को टोल टैक्स से राहत मिलेगी या फिर इनकी अवधि को आगे बढ़ाया जाएगा.
अवधि पूरी होने के बाद बढ़ी उम्मीदें: दिल्ली-फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर प्रतिदिन लाखों वाहन गुजरते हैं. नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों, छात्रों और अन्य यात्रियों का लंबे समय से कहना रहा है कि जिस परियोजना के लिए टोल वसूली शुरू की गई थी, उसकी लागत वर्षों पहले ही वसूल हो चुकी है. इसके बावजूद टोल टैक्स की वसूली लगातार जारी है. जानकारी के अनुसार इन चारों टोल प्लाजा की अवधि 31 मई 2026 को पूरी हो रही है. हालांकि टोल संचालित करने वाली कंपनी ने सरकार से 12 जून तक संचालन जारी रखने का प्रस्ताव दिया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है. अब 12 जून के बाद इन टोलों के भविष्य को लेकर निर्णय होना है.
विधायक ने सरकार को लिखा पत्र: बड़खल क्षेत्र के विधायक ने सरकार को पत्र लिखकर मांग की है कि इन टोल प्लाजा को पूरी तरह बंद किया जाए. विधायक का कहना है कि, “टोल परियोजना की लागत कई वर्ष पहले ही वसूल की जा चुकी है. ऐसे में अब जनता को राहत देते हुए इन टोल प्लाजा को समाप्त कर देना चाहिए. इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे.”
वाहन चालकों ने बताई रोजमर्रा की परेशानी: इस गहमागहमी के बीच ईटीवी भारत की टीम मौके पर पहुंची. ईटीवी भारत के संवाददाता ने टोल प्लाजा का जायजा लिया और वाहन चालकों से बातचीत की. बातचीत के दौरान वाहन चालक सुनील ने कहा कि, “मैं पिछले कई वर्षों से इसी मार्ग से गुजरता हूं. कई बार टोल प्लाजा पर लंबा जाम लग जाता है और घंटों इंतजार करना पड़ता है. अगर टोल हट जाए तो जाम की समस्या भी कम होगी और पैसे की बचत भी होगी.”
“तकनीकी खामियों से भी बढ़ती है दिक्कत”: वहीं, एक अन्य चालक दीपक ने कहा कि, “अगर टोल फ्री हो जाए तो यह आम जनता के लिए बड़ी राहत होगी. कई बार स्कैनर काम नहीं करता और वाहनों की लंबी कतार लग जाती है. इससे समय भी खराब होता है और अनावश्यक परेशानी भी झेलनी पड़ती है. टोल हटने से यात्रा अधिक सुगम हो सकती है.”
“रोजाना यात्रियों पर पड़ रहा आर्थिक बोझ”: एक अन्य वाहन चालक देवेंद्र सिंह ने कहा कि, “फरीदाबाद और गुरुग्राम के बीच रोजाना आने-जाने वाले लोगों को हर महीने हजारों रुपये टोल पर खर्च करने पड़ते हैं. इसके अलावा कई बार जाम लगने से ईंधन की भी बर्बादी होती है. ऐसे में टोल हटाना जनता के हित में होगा.” वहीं, स्थानीय लोगों का भी मानना है कि टोल समाप्त होने से लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा.
टोल एजेंसियों का भी अपना पक्ष: दूसरी ओर टोल संचालन से जुड़ी एजेंसियों का कहना है कि सड़क के रखरखाव, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य सुविधाओं को बनाए रखने के लिए टोल राजस्व महत्वपूर्ण है. सूत्रों के अनुसार सरकार और संबंधित एजेंसियों के बीच इस विषय पर लगातार बातचीत चल रही है. संभावना जताई जा रही है कि सरकार नई नीति लागू कर सकती है या सीमित अवधि के लिए टोल संचालन को आगे बढ़ा सकती है.
सरकार के फैसले पर टिकी लाखों लोगों की उम्मीदें: फिलहाल फरीदाबाद और गुरुग्राम के लाखों लोग सरकार के अंतिम निर्णय का इंतजार कर रहे हैं. यदि टोल प्लाजा बंद किए जाते हैं तो यह क्षेत्र के यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी.