ज्योतिष शास्त्र में बुधदेव को बुद्धि और व्यापार का स्वामी माना गया है. 27 अप्रैल से 23 मई 2026 तक बुधदेव अस्त अवस्था में रहेंगे. हालांकि ग्रहों का अस्त होना सामान्यतः उनकी शक्ति को कम करता है, लेकिन कुछ विशेष राशियों के लिए बुधदेव की यह स्थिति और उनका मेष राशि में गोचर बहुत ही सकारात्मक परिणाम लेकर आ रहा है. विशेष रूप से मेष, सिंह, धनु और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय प्रगति और लाभ के नए अवसर प्रदान करने वाला साबित होगा.
बुधदेव 30 अप्रैल को आपकी ही राशि के प्रथम भाव (लग्न स्थान) में प्रवेश कर रहे हैं. अस्त होने के बावजूद, मेष राशि में उनकी उपस्थिति आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेगी. आप अपनी बातों को बहुत ही स्पष्टता और मजबूती के साथ दूसरों के सामने रख पाएंगे. आपकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और आप तेजी से अपने लक्ष्यों की ओर कदम बढ़ाएंगे.
बुधदेव आपके अष्टम भाव से निकलकर नवम भाव (भाग्य का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं. पुराने समय से चली आ रही मानसिक उलझनें अब कम होने लगेंगी. भाग्य का साथ मिलने से आपके रुके हुए काम फिर से शुरू हो सकते हैं. लंबी दूरी की यात्राएं आपके लिए सुखद और लाभदायक रहने वाली हैं.
बुधदेव आपके चतुर्थ भाव से पंचम भाव (विद्या और संतान का क्षेत्र) में जा रहे हैं. इससे आपके मानसिक तनाव में बड़ी कमी आएगी. जो जातक पढ़ाई या बौद्धिक कार्यों से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय बहुत अच्छा रहेगा. आपकी निर्णय लेने की क्षमता में सुधार होगा और पुराने निवेशों से भी लाभ मिलने के योग बनेंगे.
बुधदेव आपके दूसरे भाव से तीसरे भाव (साहस और पराक्रम का क्षेत्र) में गोचर कर रहे हैं. धन और वाणी से जुड़ी जो उलझनें पहले आपको परेशान कर रही थीं, उनमें अब सुधार देखने को मिलेगा. आपके साहस में वृद्धि होगी और छोटे भाई-बहनों के साथ आपके संबंध और अधिक मजबूत होंगे.
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