बोर्ड परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए शिक्षा विभाग का बड़ा कदम, रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटे गए स्कूल
हरियाणा में बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम सुधारने के लिए शिक्षा विभाग ने 'मिशन सफलता' शुरू किया है। स्कूलों को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटकर निगरानी की जाएगी।
हरियाणा में दसवीं और बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं में खराब प्रदर्शन करने वाले सरकारी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। परीक्षा परिणामों में सुधार लाने और शिक्षा के स्तर को ऊपर उठाने के लिए शिक्षा विभाग ने महत्वाकांक्षी मिशन ‘सफलता’ (स्टूडेंट अचीवमेंट फोकस्ड एकेडमिक लर्निंग टारगेटेड एक्शन प्लान) की शुरुआत की है। इसके तहत हर ब्लॉक के सबसे कमजोर तीन स्कूलों की पहचान करके वहां पढ़ाई का स्तर सुधारने पर विशेष जोर दिया जाएगा। विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस मिशन को पूरी प्राथमिकता के साथ लागू करने और विद्यार्थियों की उपस्थिति, प्रगति व सीखने की कमियों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश जारी किए हैं।
📊 तीन श्रेणियों में बांटे गए स्कूल: रेड जोन पर विशेष फोकस, परीक्षा तक गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक
मिशन के तहत अर्धवार्षिक परीक्षाओं के परिणामों के आधार पर स्कूलों को तीन जोन में बांटा गया है: 50 प्रतिशत से कम परिणाम वाले रेड जोन, 50 से 80 प्रतिशत वाले येलो जोन और 80 प्रतिशत से अधिक परिणाम वाले ग्रीन जोन। रेड जोन के स्कूलों में हर दो सप्ताह में डाइट अधिकारी दौरा कर मार्गदर्शन देंगे। वहीं, लगातार खराब परिणाम देने वाले शिक्षकों के लिए कार्यशालाएं अनिवार्य की गई हैं, जबकि बेहतर प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा, दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थियों की पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रहे, इसके लिए एक जनवरी से लेकर बोर्ड परीक्षाएं समाप्त होने तक सभी गैर-शैक्षणिक गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।