भिवानी के अतुल जांगड़ा ने पहले ही प्रयास में हासिल किया 13वां रैंक, जानिए सफलता का राज

हरियाणा लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा में भिवानी के अतुल जांगड़ा ने पहले ही प्रयास में 13वां रैंक हासिल किया है। पढ़ें उनकी सफलता की कहानी।

किताबों से गहरा नाता और सोशल मीडिया व मोबाइल से पूरी तरह दूरी बनाकर रोजाना आठ से दस घंटे की अनुशासित पढ़ाई भिवानी के अतुल जांगड़ा की सफलता की बड़ी धुरी बनी है। अतुल ने शायद ही कभी सपने में सोचा होगा कि उनका सिविल सर्विसेज का पहला प्रयास ही उन्हें सीधे HCS अधिकारी बना देगा और वे 13वां रैंक हासिल करने में सफल रहेंगे। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनके पैतृक गांव बल्कि पूरे भिवानी में जश्न का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।

👨‍🏫 प्राथमिक शिक्षक पिता का बेटा बना अफसर, परिवार में खुशी की लहर

अतुल के पिता जितेंद्र जांगड़ा राजकीय प्राथमिक पाठशाला में पिछले 25 वर्षों से बतौर प्राथमिक शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं, जबकि उनकी माता सुमन देवी गृहणी हैं। परिवार में पहले कोई भी एचसीएस अधिकारी नहीं रहा है, ऐसे में यह पहला मौका है जब उनके घर में कोई इस प्रतिष्ठित पद पर पहुंचा है। अतुल की माता ने बताया कि उन्होंने बेटे को घर पर हमेशा एक शांत और अनुकूल शैक्षणिक माहौल दिया। वहीं, पिता ने अन्य अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर अपनी इच्छाएं न थोपें, बल्कि उन्हें स्वतंत्र और सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें।

🎯 अतुल की सफलता के खास बिंदु और भविष्य का लक्ष्य

दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले अतुल ने बिना किसी भारी-भरकम कोचिंग के सेल्फ-स्टडी पर भरोसा किया। उन्होंने विषय की गहराई को समझा और निरंतरता बनाए रखी। अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और शांत घरेलू माहौल को देने वाले अतुल का अगला बड़ा सपना आईएएस (IAS) बनना है। वे 2015 की टॉपर टीना डाबी को अपना आदर्श मानते हैं और एचसीएस अधिकारी के रूप में खुद को एक आम नागरिक के सेवक के रूप में समर्पित करना चाहते हैं।

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