भिवानी: फसल बीमा क्लेम पर आर-पार की लड़ाई, 24 जुलाई को बड़ा प्रदर्शन

भिवानी में लंबित फसल बीमा क्लेम और मुआवजे को लेकर किसान सभा की चेतावनी। 24 जुलाई को सांसद आवास पर प्रदर्शन, बीमा कंपनी पर लगा लूट का आरोप। पढ़ें पूरी खबर।

भिवानीः किसान सभा ने फसल बीमा क्लेम, मुआवजे और सिंचाई के पानी को लेकर सरकार और बीमा कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. किसान नेताओं का कहना है कि पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा क्षेमा बीमा कंपनी की याचिका खारिज किया जाना किसानों की बड़ी जीत है. साथ ही उन्होंने जल्द बकाया बीमा क्लेम जारी नहीं होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है.

सरसों, चना और गेहूं फसल का बीमा क्लेम लंबितः प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए किसान सभा के राज्य महासचिव सुमित दलाल, जिला प्रधान रामफल देशवाल, उप प्रधान कामरेड ओमप्रकाश, सचिव जगरोशन और जिला कोषाध्यक्ष मास्टर उमराव सिंह ने बताया कि “रबी 2023-24 की सरसों, चना और गेहूं फसल का करीब 85 करोड़ रुपये का बीमा क्लेम किसानों का बनता था. इसमें से क्षेमा बीमा कंपनी केवल 25 करोड़ रुपये का भुगतान कर चुकी है, जबकि बाकी राशि पिछले ढाई वर्षों से लंबित है.”

‘लंबित बीमा क्लेम भी जल्द किसानों के खातों में डाला जाए’: किसान नेताओं ने कहा कि “सरकार के आदेश के बावजूद बीमा कंपनी ने भुगतान नहीं किया और मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गया. अब हाईकोर्ट द्वारा कंपनी की याचिका खारिज किए जाने को किसान आंदोलन की बड़ी जीत बताते हुए किसान सभा ने संघर्ष में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार जताया.” किसान सभा ने सरकार से मांग की है कि भिवानी के 52 करोड़ और चरखी-दादरी के 8 करोड़ रुपये के सरसों बीमा क्लेम के साथ-साथ खरीफ 2023 का करीब 250 करोड़ रुपये का लंबित बीमा क्लेम भी जल्द किसानों के खातों में डाला जाए. नेताओं का कहना है कि यदि जल्द भुगतान शुरू नहीं हुआ तो 20 जुलाई के बाद बड़ा आंदोलन किया जाएगा.

‘जलभराव से खराब हुई फसलों का मुआवजा जारी हो’: प्रेस वार्ता में किसान सभा ने खरीफ 2025 में जलभराव से खराब हुई फसलों और क्षतिग्रस्त मकानों का लंबित मुआवजा जारी करने की भी मांग की. इसके अलावा सुंदर ब्रांच नहर सहित अन्य नहरों में सिंचाई और पेयजल के लिए पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग दोहराई गई. किसान नेताओं का आरोप है कि पिछले दो सप्ताह से किसान धरने पर बैठे हैं, लेकिन प्रशासन ने अब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया.

24 जुलाई को सांसद के आवास पर प्रदर्शन की तैयारीः किसान सभा ने निजी बीमा कंपनियों पर किसानों के साथ मनमानी और लूट का आरोप लगाया. नेताओं का कहना है कि कंपनियां प्रीमियम तो समय पर वसूल लेती हैं, लेकिन फसल खराब होने पर तरह-तरह की शर्तें लगाकर क्लेम देने से बचती हैं. इसके साथ ही किसान सभा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील का विरोध करते हुए इसे किसानों के हितों के खिलाफ बताया और घोषणा की कि 24 जुलाई को भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह के आवास पर प्रदर्शन किया जाएगा. किसान नेताओं ने साफ कहा कि यदि सरकार ने किसानों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.

Leave A Reply

Your email address will not be published.