महिला दरोगा अनु कॉलिस ने सोशल मीडिया पर दी सफाई, अमित किल्होर पर लगाए गंभीर आरोप
निलंबन के बाद महिला दरोगा अनु कॉलिस ने लाइव आकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर पर लगाए गंभीर आरोप।
उत्तर प्रदेश के मेरठ में तैनात महिला दरोगा अनु कॉलिस के कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में नया मोड़ सामने आया है. निलंबन के करीब सात दिन बाद अनु कॉलिस ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर पूरे मामले में अपनी सफाई दी है. करीब 7 मिनट 31 सेकेंड के लाइव वीडियो में उन्होंने वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर पर गंभीर आरोप लगाए. महिला दरोगा ने कहा कि घटना के बाद से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं और कई दिनों से कमरे से बाहर नहीं निकली हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उनके मन में जान देने तक के विचार आ रहे हैं.
अनु कॉलिस ने उसी ड्रेस में लाइव आकर सफाई दी, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हुआ था. उन्होंने कहा कि यह फ्रॉक उन्होंने अपनी मां के साथ मॉल से खरीदी थी और उनके परिवार में इस तरह के कपड़े पहनने को लेकर कोई आपत्ति नहीं है. महिला दरोगा ने सवाल उठाया कि जब उनके अपने परिवार को उनके पहनावे से कोई परेशानी नहीं है तो दूसरे लोग इस पर सवाल क्यों उठा रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर व्यूज और लोकप्रियता हासिल करने के लिए उनकी करीब 25 साल की जिंदगी, मेहनत और पुलिस करियर को प्रभावित किया गया.
बिना अनुमति वीडियो पोस्ट करने का आरोप
अनु कॉलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनकी अनुमति के बिना वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया. उन्होंने दावा किया कि वीडियो पोस्ट करते समय पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर मुख्यमंत्री और डीजीपी तक को टैग किया गया. अनु ने इसे साइबर क्राइम बताते हुए कहा कि वायरल वीडियो के बाद उनकी नौकरी, करियर और भविष्य पर संकट खड़ा हो गया.
महिला दरोगा ने कहा कि उनके खिलाफ अश्लील कंटेंट बनाने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक गतिविधियों में शामिल होने जैसे आरोप लगाए गए, लेकिन कार्रवाई से पहले उनका पक्ष नहीं सुना गया. उनका यह भी दावा है कि अमित किल्होर ने बाद में वीडियो सोशल मीडिया से हटा दिया और उनके भाई से माफी मांगी.
मैं अनु कॉलिस हूं, अनु रानी नहीं
लाइव वीडियो में महिला दरोगा ने अपना परिचय देते हुए कहा कि उनका नाम अनु कॉलिस है, अनु रानी नहीं. उन्होंने खुद को रोमन कैथोलिक बताते हुए कहा कि वह मूल रूप से प्रयागराज की रहने वाली हैं. मेरठ में वह रोहटा और ब्रह्मपुरी थाने में तैनात रह चुकी हैं और फिलहाल एसएसपी कार्यालय से संबद्ध थीं. अनु कॉलिस वर्ष 2003 बैच की दरोगा हैं. मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में आरोपी मुस्कान रस्तोगी की गिरफ्तारी के बाद भी वह चर्चा में आई थीं.
16 अगस्त को हुआ था निलंबन
सोशल मीडिया पर महिला दरोगा के कथित आपत्तिजनक वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने 16 अगस्त को तत्कालीन एसएसपी अविनाश पांडेय के आदेश पर उन्हें निलंबित कर दिया था. विभाग की ओर से पुलिस आचरण नियमावली के उल्लंघन और कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के मामले में कार्रवाई की गई थी.
सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमित किल्होर ने अनु कॉलिस पर आपत्तिजनक वीडियो बनाने, सोशल मीडिया लाइव करने और QR कोड के जरिए फंडिंग लेने जैसे आरोप लगाए थे. इसके बाद पुलिस विभाग ने मामले की जांच शुरू की.
QR कोड और जिम वीडियो पर भी सफाई
अनु कॉलिस ने अपने लाइव वीडियो में QR कोड के जरिए फंडिंग लेने के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि QR कोड उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से संबंधित है और उनके बैंक खाते व सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कराई जा सकती है. उन्होंने कहा कि अगर किसी तरह की फंडिंग सामने आती है तो उसे भी जांच में देखा जा सकता है.
इसी मामले के बीच उनके जिम और अन्य सोशल मीडिया वीडियो भी सामने आए. महिला दरोगा ने जिम से जुड़े वीडियो को फिटनेस को बढ़ावा देने वाला बताया और कहा कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट की पूरी जांच की जा सकती है.
पुलिस सोशल मीडिया पॉलिसी के तहत जांच
उत्तर प्रदेश पुलिस में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर निर्धारित दिशा-निर्देश हैं. पुलिसकर्मियों को वर्दी में रील बनाने और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं. 15 मई 2026 को एडीजी कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने भी विभागाध्यक्षों और कार्यालयाध्यक्षों को सोशल मीडिया पॉलिसी-2023 का पूरी तरह पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए थे.
फिलहाल अनु कॉलिस के खिलाफ विभागीय जांच जारी है. पुलिस जांच में सोशल मीडिया गतिविधियों, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला दरोगा पर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और उनके खिलाफ विभागीय स्तर पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी.