मुख्यमंत्री नायब सैनी ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक, 1 नवंबर तक खुलेंगी अमृत फार्मेसी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या के आधार पर डॉक्टरों और स्टाफ को स्पेशल इंसेंटिव देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
चंडीगढ़ : मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ाने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए मरीजों की संख्या के आधार पर चिकित्सकों, सहायक स्टाफ और आयुष्मान मित्रों को स्पैशल इंसेंटिव (विशेष प्रोत्साहन) राशि देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के मरीजों के इलाज से सरकारी अस्पतालों को मिलने वाली राशि का उपयोग स्टाफ के प्रोत्साहन, अस्पतालों के अपग्रेडेशन और स्वच्छता सहित अन्य सुविधाओं पर किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सिविल सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आयुष्मान और चिरायु योजना के अधिक से अधिक मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए प्रोत्साहित किया जाए। सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के पैकेज बढ़ाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने डायबिटिकरेटिनोपैथी को भी योजना में शामिल करने को कहा।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी होगी दूर
सैनी ने चिकित्सकों, रेडियोलॉजिस्ट और कार्डियोलॉजिस्ट के रिक्त पद तत्काल भरने के निर्देश दिए। नियमित भर्ती के साथ ओपन भर्ती की व्यवस्था शुरू करने को कहा गया।
सभी जिला और उपमंडल अस्पतालों के साथ सी.एच.सी., पी.एच.सी. और सब सेंटरों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने के निर्देश दिए। मरीज के पंजीकरण, जांच, चिकित्सकीय परामर्श और दवाई देने तक की प्रक्रिया रियल टाइम दर्ज होगी।
मुख्यमंत्री ने खराब उपकरणों को उसी दिन ठीक करवाने और लापरवाही की स्थिति में जिम्मेदारी तय करने के निर्देश भी दिए। वहीं सभी सरकारी अस्पतालों में 1 नवम्बर तक अमृत फार्मेसी खोलने का लक्ष्य रखा गया है।