मेजर ध्यानचंद की जयंती पर कोच नवीन पूनिया बोले- 2036 ओलंपिक के लिए देश में तैयार हो रही नई खेल प्रतिभाएं
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर भारतीय हैंडबॉल टीम के कोच नवीन पूनिया ने युवाओं को नशे से दूर रहने और खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी है।
भारतीय हैंडबॉल टीम के कोच नवीन पूनिया ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस हम सभी भारतीयों के लिए गर्व का दिन है। यह महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद जी की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन खेल और देश को समर्पित किया। उन्हें दुनिया “हॉकी के जादूगर” के नाम से जानती है।
आज भारत में खेलों को लेकर एक नई ऊर्जा और नई सोच देखने को मिल रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी स्वयं समय-समय पर खिलाड़ियों और युवाओं से संवाद करते हैं और खेलों को लेकर देश के सामने बड़े लक्ष्य रखते हैं। हाल ही में 15 अगस्त को लाल किले की प्राचीर से भी उन्होंने 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए देश के गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 वर्ष के बच्चों की खेल प्रतिभा को तलाशने और उन्हें विशेष प्रशिक्षण देने की बात कही।
एक खिलाड़ी और कप्तान के रूप में मुझे खुशी है कि देश में खेलों का माहौल लगातार मजबूत हो रहा है और हमारे खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा ऊँचा कर रहे हैं। आने वाला समय भारतीय खेलों के लिए बहुत सुनहरा है।
इस खेल दिवस पर मेरी सभी युवाओं से अपील है कि नशे से दूर रहें और खेल को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। सिर्फ खेल दिवस मनाने के बजाय हम संकल्प लें कि हर दिन कम से कम एक घंटा खेल को देंगे और अपने बच्चों को भी खेलों से जोड़ेंगे।
जब तिरंगा ऊँचा होता है और राष्ट्रगान बजता है, तो गर्व सिर्फ खिलाड़ी को नहीं, पूरे देश को होता है। खेल अपनाइए, नशे से दूर रहिए और भारत को खेलों की महाशक्ति बनाने में अपना योगदान दीजिए। जय हिंद!