यूपी पुलिस के दो सीओ जल्द बंधेंगे परिणय सूत्र में: इटावा CO आयुषी सिंह और लखनऊ CO ऋषभ की हुई सगाई, जानिए आयुषी के संघर्ष की प्रेरक कहानी
यूपी पुलिस की महिला सीओ आयुषी सिंह और लखनऊ सीओ ऋषभ की सगाई हुई। पिता की हत्या के बाद 62वीं रैंक से DSP बनीं आयुषी की कहानी। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे के दो होनहार और चर्चित प्रशासनिक अधिकारी जल्द ही विवाह के पवित्र बंधन में बंधने वाले हैं। शादी की शहनाइयाँ बजने से पहले दोनों अधिकारियों की सगाई की रस्में धूमधाम से संपन्न हुईं। सगाई करने वाले इन दोनों पुलिस अधिकारियों में आयुषी सिंह (क्षेत्राधिकारी – सीओ, जसवंतनगर, इटावा) और ऋषभ (क्षेत्राधिकारी – सीओ, लखनऊ) शामिल हैं। दोनों अधिकारियों ने लखनऊ के एक प्रतिष्ठित रिजॉर्ट में आयोजित पारिवारिक समारोह में एक-दूसरे को अंगूठी पहनाकर जीवन भर साथ निभाने का संकल्प लिया। इस दौरान दोनों परिवारों के करीबी सदस्य और रिश्तेदार मौजूद रहे, जिन्होंने होने वाले वर-वधू को नए सफर के लिए ढेर सारा आशीर्वाद दिया।
📍 सुशांत गोल्फ सिटी के रिजॉर्ट में हुआ समारोह; अगले महीने शहनाई बजने की तैयारी
सगाई समारोह की मुख्य बातें:
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शाही अंदाज में सेरेमनी: आयुषी सिंह और ऋषभ का सगाई समारोह लखनऊ के अमर शहीद पथ स्थित सुशांत गोल्फ सिटी के एक निजी रिजॉर्ट में बेहद सादगी और गरिमा के साथ आयोजित किया गया।
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पारिवारिक आशीर्वाद: सगाई के दौरान दोनों अधिकारियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवन की नई शुरुआत का संकल्प लिया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, दोनों का विवाह समारोह अगले महीने आयोजित किया जाएगा।
🎓 मुरादाबाद की रहने वाली हैं आयुषी सिंह; UPPSC में 62वीं रैंक हासिल कर बनी थीं डीएसपी
आयुषी सिंह की शैक्षणिक यात्रा और चयन:
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मुरादाबाद से नाता: जसवंतनगर (इटावा) में तैनात सीओ आयुषी सिंह मूल रूप से मुरादाबाद जिले की रहने वाली हैं।
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62वीं रैंक से सफलता: उन्होंने वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की परीक्षा दी थी। अप्रैल 2023 में घोषित परिणामों में आयुषी ने पूरे प्रदेश में 62वीं रैंक हासिल कर सफलता का परचम लहराया था और उनका चयन सीधे पुलिस उपाधीक्षक (DSP/CO) के पद पर हुआ था।
💔 11वीं कक्षा में सिर से उठा पिता का साया; कोर्ट रूम में गोली मारकर कर दी गई थी हत्या
संघर्षों से भरा शुरुआती जीवन:
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दर्दनाक हादसा: आयुषी की इस बड़ी सफलता के पीछे गहरे संघर्ष और आंसुओं का इतिहास रहा है। साल 2015 में जब वह 11वीं कक्षा की छात्रा थीं, तब उनके पिता योगेंद्र सिंह की कोर्ट परिसर के भीतर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
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तानों का सामना: पिता की अचानक हुई दर्दनाक मौत के बाद आयुषी और उनके परिवार को गहरे सामाजिक तानों और मानसिक दबाव का सामना करना पड़ा, लेकिन आयुषी के बुलंद हौसले कभी नहीं डगमगाए।
🎯 दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर पूरा किया संकल्प; असफलता के बाद भी नहीं मानी हार
सफलता का मूलमंत्र और पिता का सपना:
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सिविल सेवा का संकल्प: पिता की दुखद मृत्यु के बाद आयुषी ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) से अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की और ठान लिया कि वे प्रशासनिक सेवा में जाकर अपने पिता को सच्ची श्रद्धांजलि देंगी।
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दूसरा प्रयास रहा सफल: पहले प्रयास में उन्हें असफलता हाथ लगी, लेकिन इससे उनका मनोबल टूटने के बजाय और मजबूत हुआ। उन्होंने अपनी कमियों को सुधारा, दोगुने उत्साह से तैयारी जारी रखी और आखिरकार UPPSC परीक्षा क्रैक कर अपने स्वर्गीय पिता के ‘अधिकारी बनने’ के सपने को सच कर दिखाया।