रेलूराम पूनिया हत्याकांड: दोषियों की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

रेलूराम पूनिया हत्याकांड के दोषियों की अंतरिम रिहाई के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। सोनिया और संजीव के जेल रिकॉर्ड पर तीखी बहस, 11 अगस्त को अगली सुनवाई।

हिसार: हरियाणा के बहुचर्चित पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया सामूहिक हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में एक बार फिर अहम सुनवाई हुई। यह सुनवाई प्रदेश सरकार द्वारा दायर की गई उस एस.एल.पी. (विशेष अनुमति याचिका) पर थी, जो दोषियों (सोनिया और संजीव) को कुछ समय पहले दी गई अंतरिम रिहाई के आदेश के खिलाफ लाई गई थी।

अदालत में सुनवाई के दौरान दोषियों के वकीलों ने सरकार की याचिका पर अपना जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। अब इस मामले की अगली और अंतिम बहस 11 अगस्त 2026 को निर्धारित की गई है।

जेल के अंदर ‘अपराधों’ की संख्या पर कोर्ट में तीखी बहस
सुनवाई के दौरान पीड़ित पक्ष के वकील लाल बहादुर खोवाल और आईना वर्मा खोवाल सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए। अदालत के समक्ष पीड़ित पक्ष और सरकारी वकील द्वारा दोषियों के जेल रिकॉर्ड का हवाला देते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया गया। कोर्ट को बताया गया कि यह कोई साधारण मामला नहीं है, बल्कि एक ही परिवार के 8 लोगों की निर्मम हत्या का जघन्य अपराध है। सोनिया ने जेल में रहने के दौरान भी अनुशासनहीनता की और 5 अपराधों को अंजाम दिया।पीड़ित पक्ष के वकीलों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कोर्ट में कहा कि सोनिया ने जेल के भीतर 5 नहीं, बल्कि 17 अलग-अलग अपराध व नियम उल्लंघन किए हैं। ऐसे में उनकी रिहाई के आदेश को तुरंत निरस्त किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद काउंटर एफिडेविट जमा करने के लिए समय देते हुए 11 अगस्त को फाइनल बहस की तारीख तय कर दी।

यह है सारा मामला
लितानी मोड़ स्थित कोठी में 23 अगस्त 2021 की रात को पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया के फार्म हाउस पर सोनिया और ने मिलकर 8 लोगों की बेरहमी से हत्या की थी। उन्होंने रेलूराम पूनिया, उनकी पत्नी कृष्णा देवी, बेटे सुनील, उसकी पानी शकुंतला, बेटी प्रियंका, 4 वर्षीय लोकेश, 2 वर्षीय शिवानी और 45 दिन की प्रीति की लोहे की रॉड से हमला कर हत्या की थी। उसके बाद सोनिया कार में बैठाकर संजीव की सुरेवाला मोड़ तक छोड़कर आई थी। सुबह सोनिया बाथरूम में बेसुध हालत में मिली थी। उसके मुंह से झाग निकल रहे थे। उसके पास एक सुसाइड नोट मिला था। बाद में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो हत्याकांड कोर्ट संजीवको राजा सुनाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने बाद में दोनों की सजा को उम्रकैद में बदला दिया था।

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