विदेशों से आने वाली कॉल्स और डिजिटल तकनीक बन रही है चुनौती, विधानसभा में बोले सीएम सैनी
हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि इस साल जबरन वसूली के मामलों में 17% बढ़ोतरी हुई है, जबकि अन्य गंभीर अपराधों में कमी आई है।
चंडीगढ़: हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र में गुरुवार को बताया गया कि इस साल जुलाई तक जबरन वसूली के 296 मामले सामने आए हैं, जो पिछले साल के 253 मामलों की तुलना में 17 प्रतिशत ज़्यादा हैं. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गुरुवार को विधानसभा को बताया कि “इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह विदेशों से कॉल करने वाले वे लोग हैं जिनकी पहचान का पता नहीं चल पाता. वो अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए डिजिटल ऐप और दूसरी तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं.”
INLD के ‘ध्यान आकर्षण प्रस्ताव’ पर सीएम नायब सैनी का जवाब: हरियाणा विधानसभा में कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्षी पार्टी INLD के ‘ध्यान आकर्षण प्रस्ताव’ का जवाब देते हुए, सैनी ने 10 साल (2014-2025) के आंकड़ों की तुलना पेश की और कहा कि “अपराध में काफी कमी आई है. हत्या के मामलों में 18.17 प्रतिशत, डकैती में 34.30 प्रतिशत, दंगों में 29.78 प्रतिशत और लूटपाट में 33.75 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि आबादी में 15.25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.”
जबरन वसूली के मामले 17 प्रतिशत बढ़े, हत्या के मामलों में कमी: सीएम नायब सैनी ने कहा कि “इसके उलट, 2004-2014 के दौरान इन्हीं अपराधों में क्रमशः 50.88 प्रतिशत, 230.76 प्रतिशत, 178 प्रतिशत और 258.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई थी. राज्य में BJP सरकार की अपराध के प्रति ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ (बिल्कुल बर्दाश्त न करने) की नीति है और पुलिस को तेज़ी से, कानून के दायरे में रहकर और असरदार कार्रवाई करने की पूरी आज़ादी दी गई है.”
अपराध पर लगी लगाम: मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि इसके नतीजे साफ और मापने लायक हैं. सैनी ने कहा कि लगातार, अच्छी तरह से योजना बनाकर और तालमेल के साथ की गई पुलिसिंग से पूरे हरियाणा में गंभीर और हिंसक अपराधों पर नियंत्रण मज़बूत हुआ है.